Edited By Tanuja,Updated: 26 Sep, 2026 01:18 PM

प्रशांत महासागर में न्यू कैलेडोनिया के पास शनिवार को 6.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसका केंद्र समुद्र के भीतर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। USGS ने शुरुआती 7.0 के आकलन को संशोधित किया। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने हवाई, गुआम और अन्य...
New York: प्रशांत महासागर में फ्रांस के अधीन न्यू कैलेडोनिया के पास शनिवार को जोरदार भूकंप से धरती कांप उठी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई और इसका केंद्र समुद्र के भीतर था। शुरुआती आकलन में तीव्रता 7.0 बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित किया गया। राहत की बात यह है कि अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कई प्रशांत क्षेत्रों के लिए सुनामी का खतरा नहीं बताया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, न्यू कैलेडोनिया के पास प्रशांत महासागर में 6.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप का केंद्र समुद्र के भीतर था और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई। शुरुआती जानकारी में भूकंप की तीव्रता 7.0 बताई गई थी, लेकिन बाद में आंकड़ों के विश्लेषण के बाद इसे संशोधित करके 6.6 कर दिया गया।
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चिंता समुद्र में सुनामी उठने की होती है। हालांकि, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कहा कि इस भूकंप से हवाई, गुआम, उत्तरी मारियाना द्वीप समूह और अमेरिकी समोआ के लिए सुनामी का खतरा नहीं है। इसका मतलब इन क्षेत्रों के लिए इस भूकंप के कारण सुनामी की कोई चेतावनी या आपात स्थिति घोषित नहीं की गई। भूकंप के झटके प्रशांत क्षेत्र में महसूस किए गए। फिलहाल भूकंप के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान या जनहानि की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। न्यू कैलेडोनिया प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में स्थित है जहां भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। समुद्र के भीतर आने वाले शक्तिशाली भूकंपों पर इसलिए विशेष नजर रखी जाती है।
इसी बीच भारत के असम में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, न्यू कैलेडोनिया के पास आए भूकंप और असम में महसूस किए गए झटकों को एक ही घटना मानने का कोई आधार नहीं है। दोनों घटनाओं के स्थानीय भूकंपीय विवरण अलग-अलग देखे जाने जरूरी हैं। फिलहाल न्यू कैलेडोनिया के पास आए भूकंप के बाद सबसे अहम बात यही है कि सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है और बड़े नुकसान की तत्काल कोई सूचना सामने नहीं आई है।