Moon Mission: प्रशांत महासागर में आर्टेमिस-2 मिशन की सफल लैंडिंग, 10 दिन बाद धरती पर लौटे चंद्रयात्री

Edited By Updated: 11 Apr, 2026 08:09 AM

nasa artemis ii orion capsule splashdown moon mission

50 साल के लंबे इंतज़ार के बाद इंसान एक बार फिर चंद्रमा के दहलीज से होकर सुरक्षित धरती पर लौट आया है। नासा (NASA) का Artemis II मिशन 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार रात प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंड कर गया। कैलिफोर्निया तट के...

 कैलिफोर्निया: 50 साल के लंबे इंतज़ार के बाद इंसान एक बार फिर चंद्रमा के दहलीज से होकर सुरक्षित धरती पर लौट आया है। नासा (NASA) का Artemis II मिशन 10 दिनों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार रात प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंड कर गया। कैलिफोर्निया तट के पास हुए इस 'स्प्लैशडाउन' ने भविष्य में मंगल ग्रह तक जाने के मानवीय सपनों को नए पंख दे दिए हैं।

कैसा रहा 11 लाख किलोमीटर का सफर?

1 अप्रैल को फ्लोरिडा से दुनिया के सबसे शक्तिशाली SLS रॉकेट के जरिए रवाना हुए चार अंतरिक्ष यात्रियों ने इस मिशन में कुल 11.16 लाख किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की। मिशन की खास बातें:

वो 13 मिनट: जब आग का गोला बन गया कैप्सूल

धरती के वायुमंडल में प्रवेश (Re-entry) के दौरान ओरियन कैप्सूल की रफ्तार 39,000 किलोमीटर प्रति घंटा थी। घर्षण के कारण कैप्सूल के बाहर का तापमान 2,760°C तक पहुंच गया था।
 

ब्लैकआउट: अत्यधिक गर्मी के कारण बनी 'प्लाज्मा परत' की वजह से 6 मिनट तक रेडियो संपर्क पूरी तरह टूट गया था। हालांकि, नासा के इंजीनियरों द्वारा सुधारी गई Heat Shield ने यात्रियों को सुरक्षित रखा और अंत में पैराशूट के जरिए कैप्सूल धीरे से समंदर में उतरा।

मिलिए इतिहास बनाने वाले 'सुपरहीरोज' से

नाम भूमिका विशेषता
रीड वाइजमैन कमांडर मिशन का नेतृत्व किया
विक्टर ग्लोवर पायलट चांद मिशन पर जाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति
क्रिस्टीना कोच मिशन स्पेशलिस्ट चांद तक पहुंचने वाली पहली महिला
जेरेमी हैनसन मिशन स्पेशलिस्ट पहले कनाडाई नागरिक

अगला पड़ाव: चंद्रमा पर बस्ती और मंगल की तैयारी

आर्टेमिस-2 की सफलता ने Artemis III का रास्ता साफ कर दिया है, जिसमें नासा 2028 तक इंसानों को सीधे चंद्रमा की सतह पर उतारेगा।

  • Moon Base: नासा का लक्ष्य चांद पर एक स्थायी बेस बनाना है।

  • Stepping Stone: चंद्रमा को एक 'स्टॉपेज' की तरह इस्तेमाल किया जाएगा ताकि भविष्य में यहाँ से मंगल (Mars) की लंबी यात्रा शुरू की जा सके।

  • Space Race: विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन अंतरिक्ष में चीन की बढ़ती चुनौती के बीच अमेरिका की बादशाहत को फिर से साबित करता है।

 

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