Edited By Tanuja,Updated: 10 Jul, 2026 11:18 AM

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को कई दिनों के राजकीय शोक के बाद शुक्रवार तड़के उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनकी मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में हुई थी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग...
International Desk: अमेरिका एवं इजराइल के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को शुक्रवार तड़के सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। खामेनेई ने करीब 37 वर्ष तक ईरान पर शासन किया। उनकी अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में 28 फरवरी को मौत हो गई थी। इन्हीं हमलों के साथ ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी। कई दिनों के सार्वजनिक शोक के बाद उन्हें शुक्रवार तड़के उनके गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। खामेनेई देश के दूसरे ऐसे शासक हैं जिन्हें मशहद शहर में दफनाया गया।
इससे पहले 1747 में नादिर शाह को इसी शहर में दफनाया गया था। करीब 11 वर्ष तक सत्ता में रहे नादिर शाह की 1747 में हत्या कर दी गई थी। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शनिवार को शुरू हुई। इस दौरान अधिकारियों ने ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य शहरों में सड़कों, हवाई क्षेत्र और अन्य गतिविधियों को बंद कर दिया था। बड़ी संख्या में लोग उस नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़े, जिसने दशकों तक कड़े नियंत्रण के साथ ईरान का नेतृत्व किया और पश्चिमी देशों का सामना किया।

खामेनेई के निधन पर कश्मीर के कई इलाकों में शोक का माहौल देखने को मिला। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने शोक सभाएं आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ईरान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कश्मीर की कई मस्जिदों और इमामबाड़ों में खामेनेई की मगफिरत (क्षमा) के लिए विशेष दुआएं की गईं। बड़ी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए और क्षेत्र में अमन, इंसाफ तथा शांति की प्रार्थना की। विभिन्न इलाकों में आयोजित शोक सभाओं में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने खामेनेई को एक प्रमुख धार्मिक नेता बताते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और योगदान को याद किया।