Death Experience: क्लिनिकल डेथ के 10 मिनट बाद लौटे शख्स का दावा, बताया मौत के बाद कैसा हुआ महसूस

Edited By Updated: 05 May, 2026 11:10 AM

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Near Death Experience: लंदन के ईस्ट इलाके रोमफोर्ड में रहने वाले 43 साल के matthew alick की क्लिनिकल डेथ होने के बाद दोबारा जीवन में लौट आया। करीब 10 मिनट तक दिल और सांसें बंद रहने के बाद जब उसे वापस होश आया, तो उसने ऐसा दावा किया जिसने सभी को चौंका...

Near Death Experience: लंदन के ईस्ट इलाके रोमफोर्ड में रहने वाले 43 साल के matthew alick की क्लिनिकल डेथ होने के बाद दोबारा जीवन में लौट आया। करीब 10 मिनट तक दिल और सांसें बंद रहने के बाद जब उसे वापस होश आया, तो उसने ऐसा दावा किया जिसने सभी को चौंका दिया। उसके मुताबिक, मौत के दौरान उसे किसी तरह का कोई रहस्यमयी अनुभव या दूसरी दुनिया की झलक नहीं मिली, बल्कि यह सब एक गहरी और शांत नींद जैसा महसूस हुआ।

बता दें कि मैथ्यू एक एक्टर और मॉडल हैं, जो अगस्त 2023 में अचानक गंभीर हार्ट अटैक का शिकार हो गए थे। उस समय उनके शरीर में कई खतरनाक ब्लड क्लॉट बन गए थे, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने में बहुत परेशानी होने लगी और हालत तेजी से बिगड़ गई।

उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पाया कि उनके दिल और फेफड़ों में बड़े आकार के खून के थक्के जमा हो चुके थे। इसी वजह से उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म हुआ और फिर कार्डियक अरेस्ट आ गया। इस स्थिति में उनका दिल और सांसें पूरी तरह रुक गईं और उन्हें लगभग 10 मिनट तक Clinically Dead घोषित कर दिया गया।

डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए Defibrillator और CPR का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया के दौरान उनका शरीर बेहद गंभीर हालत में पहुंच गया, यहां तक कि अंदरूनी चोट और ब्लीडिंग भी होने लगी। काफी मेहनत के बाद आखिरकार उनकी दिल की धड़कन दोबारा शुरू हुई और उन्हें वापस होश आया। इसके बाद वे तीन दिन तक कोमा में रहे।

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    जब Matthew होश में आए, तो लोगों को उम्मीद थी कि वे किसी दूसरी दुनिया या किसी दिव्य अनुभव के बारे में बताएंगे। लेकिन उनका अनुभव बिल्कुल अलग था। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें किसी तरह की रोशनी, स्वर्ग या कोई रहस्यमयी दुनिया याद नहीं है। उनके अनुसार, मौत का अनुभव बस एक गहरी और शांत नींद जैसा था, जिसके बाद अचानक आंख खुलने जैसा एहसास हुआ। उनका यह बयान उन लोगों की सोच के विपरीत था जो मौत के बाद किसी खास दुनिया की कल्पना करते हैं।

    इस घटना के बाद उनकी जिंदगी आसान नहीं रही। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिनमें रिश्ते का टूटना, नौकरी जाना, आर्थिक तंगी और परिवार की Health Problems शामिल हैं। लेकिन मैथ्यू का कहना है कि मौत को करीब से देखने के बाद अब वे छोटी-छोटी परेशानियों से नहीं डरते। उन्होंने अपने जीवन को दोबारा संभालने की कोशिश की और आगे बढ़ते गए।

    आज वे एक नई जिंदगी जी रहे हैं। वे अपनी साथी के साथ सगाई कर चुके हैं और अपने घर में रह रहे हैं। अपनी इस पूरी यात्रा को उन्होंने एक किताब में भी लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने क्लिनिकल डेथ के अनुभव और उसके बाद के संघर्षों का जिक्र किया है। डिस्लेक्सिया होने के बावजूद उन्होंने अपनी कहानी को रिकॉर्ड करके किताब का रूप दिया।

    अब मैथ्यू मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर लोगों को प्रेरित करते हैं और ब्लड डोनेशन से जुड़े अभियानों में भी काम कर रहे हैं, क्योंकि समय पर मिले खून ने ही उनकी जान बचाई थी। हालांकि उनकी सेहत अभी पूरी तरह सामान्य नहीं है और उन्हें जीवनभर ब्लड थिनर दवाएं लेनी होंगी। उनका कहना है कि जीवन बहुत कीमती है और इसे हर पल पूरी तरह जीना चाहिए, क्योंकि किसी को नहीं पता कि अगला पल क्या लेकर आएगा।

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