RBI का बड़ा फैसला: 1 जुलाई से बदल जाएगा EMI का नियम, आपदा आने पर खुद राहत देगा बैंक, नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

Edited By Updated: 05 May, 2026 01:16 PM

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अगर आपने बैंक से होम लोन, कार लोन या किसी भी तरह का कर्ज ले रखा है तो 1 जुलाई 2026 से आपके लिए बैंकिंग के नियम बदलने जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उन ग्राहकों को बड़ी राहत दी है जो प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, भूकंप...

RBI New Banking Rules July : अगर आपने बैंक से होम लोन, कार लोन या किसी भी तरह का कर्ज ले रखा है तो 1 जुलाई 2026 से आपके लिए बैंकिंग के नियम बदलने जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उन ग्राहकों को बड़ी राहत दी है जो प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, भूकंप आदि) का शिकार हो जाते हैं। अब मुसीबत के समय आपको बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे बल्कि बैंक खुद चलकर आपकी मदद करेगा।

बता दें कि अभी तक का नियम यह था कि आपदा आने पर राहत पाने के लिए ग्राहकों को खुद बैंक जाकर लंबी कागजी कार्रवाई करनी पड़ती थी। 1 जुलाई से बैंक खुद यह तय करेंगे कि उनके किस ग्राहक को राहत की जरूरत है। बैंक अपनी मर्जी से आपकी EMI टाल सकते हैं किस्तों की अवधि बढ़ा सकते हैं या कुछ फीस माफ कर सकते हैं। अगर आप यह राहत नहीं लेना चाहते तो आपके पास 135 दिनों का समय होगा जिससे आप इस सुविधा को मना कर सकते हैं।

जानें किसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

यह नियम हर किसी के लिए नहीं है। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें हैं। आपका लोन खाता स्टैंडर्ड अकाउंट होना चाहिए। आपकी कोई भी किस्त 30 दिन से ज्यादा बकाया नहीं होनी चाहिए। यदि आपदा के कारण किसी का लोन 'NPA' (खराब खाता) हो जाता है तो इस योजना के तहत उसे फिर से सामान्य स्थिति में लाया जा सकेगा।

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आपदा के समय बैंक की नई जिम्मेदारियां

अब बैंक केवल ऑफिस तक सीमित नहीं रहेंगे। मुसीबत के समय उन्हें जमीन पर उतरना होगा। प्रभावित इलाकों में मोबाइल वैन के जरिए बैंकिंग पहुंचाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर कैंप लगाकर लोगों को पैसे दिए जाएंगे। एटीएम को तुरंत चालू करना और नकद की वैकल्पिक व्यवस्था करना अब बैंक की जिम्मेदारी होगी।

फीस और शर्तों में बदलाव

बैंकों को अधिकार दिया गया है कि वे संकट के समय ग्राहकों की लोन शर्तों को आसान बना सकें।

1 साल की राहत: बैंक चाहें तो लोन से जुड़ी फीस और एक्स्ट्रा चार्ज को 1 साल तक के लिए माफ या कम कर सकते हैं।

सुरक्षा चक्र: जोखिम को संभालने के लिए आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे रीस्ट्रक्चर किए गए लोन पर 5% अतिरिक्त पैसा सुरक्षित रखें।

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RBI ने क्यों लिया यह फैसला?

आरबीआई का मानना है कि आपदा के समय इंसान पहले से ही मानसिक और आर्थिक रूप से टूटा होता है ऐसे में बैंक के चक्कर काटना उसके लिए और मुश्किल हो जाता है। इस नए सिस्टम का मकसद बैंकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना और लोगों को तुरंत वित्तीय सुरक्षा देना है।

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