Edited By Tanuja,Updated: 20 Apr, 2026 06:45 PM

ईरान संकट के बीच Donald Trump पर 1979 के Iran Hostage Crisis जैसी स्थिति का दबाव बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वे Jimmy Carter की विफलता दोहराने से बचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
International Desk: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) की स्थिति को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कहा गया है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump पर जिमी कार्टर का "भूत" मंडराता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप अंदरूनी तौर पर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं मौजूदा संकट उनकी राजनीतिक विरासत को उसी तरह नुकसान न पहुंचा दे, जैसा 1979 के ईरान बंधक संकट (Iran Hostage Crisis) पर जिमी कार्टर ( Jimmy Carter) के साथ किया था। रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप भले ही सार्वजनिक रूप से खुद को मजबूत और आक्रामक नेता के रूप में पेश कर रहे हों, लेकिन अंदर ही अंदर वे इस संकट को लेकर दबाव में हैं। ईरान के साथ टकराव, बढ़ती तेल कीमतें और अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी उनके लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
क्या था1979 का ईरान संकट?
1979 में ईरान में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल हुई थी । अयातुल्ला खोमैनेई (Ayatollah Khomeini) के नेतृत्व में इस्लामी क्रांति हुई और पश्चिम समर्थक शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी (Mohammad Reza Pahlavi) को सत्ता से हटा दिया गया। इसके बाद 4 नवंबर 1979 को तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ और 66 अमेरिकियों को बंधक बना लिया गया। यह संकट 444 दिनों तक चला।
असफल ऑपरेशन और कार्टर की हार
बंधकों को छुड़ाने के लिए Jimmy Carter ने 1980 में एक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसे Operation Eagle Claw कहा गया। लेकिन यह मिशन विफल हो गया और 8 अमेरिकी सैनिक मारे गए। इस घटना ने कार्टर की छवि को कमजोर कर दिया और 1980 के चुनाव में Ronald Reagan ने उन्हें हरा दिया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या ट्रंप भी उसी तरह के संकट में फंस सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर ईरान के साथ तनाव बढ़ता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ट्रंप की “मजबूत नेता” की छवि को नुकसान हो सकता है । घरेलू राजनीति और वैश्विक दबाव दोनों बढ़ सकते हैं