Edited By Pardeep,Updated: 30 Apr, 2026 12:01 AM

ब्रिटेन की राजधानी लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में बुधवार को दो यहूदी पुरुषों पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ है, जिसे ब्रिटिश पुलिस ने आधिकारिक तौर पर एक 'आतंकी हमला' करार दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और मामले की...
लंदन: ब्रिटेन की राजधानी लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में बुधवार को दो यहूदी पुरुषों पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ है, जिसे ब्रिटिश पुलिस ने आधिकारिक तौर पर एक 'आतंकी हमला' करार दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
ईरान समर्थित संगठन ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी हरकत अशाब अल यामीन अल इस्लामिया (HAYI) नामक संगठन ने ली है। SITE इंटेलिजेंस ग्रुप के अनुसार, इस संगठन का संबंध ईरान से हो सकता है। संगठन ने अपने बयान में इसे एक 'लोन वुल्फ' हमला बताया है और यूरोप में पिछले दो महीनों में हुए अन्य यहूदी विरोधी हमलों की भी जिम्मेदारी ली है।
45 वर्षीय हमलावर गिरफ्तार
मेट्रोपोलिटन पुलिस के मुताबिक, 45 वर्षीय हमलावर ने सड़क पर जा रहे 34 और 76 वर्ष के दो यहूदी नागरिकों पर अचानक चाकू से वार कर दिए। जब पुलिसकर्मी उसे पकड़ने पहुंचे, तो उसने उन पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन उसे बल प्रयोग कर दबोच लिया गया। जांच में पता चला है कि हमलावर का मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और गंभीर हिंसा का पुराना इतिहास रहा है।

पीएम ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, इजरायल ने जताई नाराजगी
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस घटना को पूरे ब्रिटेन पर हमला बताते हुए स्थिति की समीक्षा के लिए सरकार की इमरजेंसी कमिटी की बैठक बुलाई है। दूसरी ओर, इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दुनिया के प्रमुख शहरों में यहूदियों का सड़क पर चलना दुश्वार होता जा रहा है और इस नफरत के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की जरूरत है।
लंदन में यहूदी विरोधी घटनाओं में भारी उछाल
खुफिया एजेंसी MI5 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में ईरान समर्थित कम से कम 20 घातक साजिशों को नाकाम किया गया है। अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष शुरू होने के बाद से ब्रिटेन में यहूदियों के खिलाफ वारदातों में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और पिछले साल ही ऐसी 3700 घटनाएं दर्ज की गई थीं। ब्रिटिश सरकार को शक है कि ईरान अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए आपराधिक गिरोहों का सहारा ले रहा है।