5 लोग लापता... भारी बारिश भूस्खलन और बाढ़ ने मचाई तबाही

Edited By Updated: 24 Jun, 2026 08:11 PM

5 people missing  heavy rains landslides and floods wreak havoc

अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में बुधवार को मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम पांच लोग लापता हो गए और 17 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 18...

नेशनल डेस्क : अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में बुधवार को मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से कम से कम पांच लोग लापता हो गए और 17 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 18 मकानों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, विभिन्न स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में ही फंस गए हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलु ने बताया कि याजाली सर्कल के अंतर्गत पूसा के पास नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (नीपको) परियोजना कॉलोनी से लापता हुए लोगों की पहचान एलेश मराक (13), बालारी मराक (30), ताओ अंजीना (46), निर्मला गुप्ता (35) और सौरव कुमार के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी है। अधिकारी ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे कॉलोनी और आसपास के निचले आवासीय क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में पानी भर गया। उन्होंने बताया कि इस घटना में कम से कम 18 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि जिला पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों ने याजाली जलाशय से बिशु सिन्हा नामक व्यक्ति को सुरक्षित निकाला, जबकि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के एक वैज्ञानिक को इस आपदा से प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के एक हिस्से से बचाया गया। अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने संबंधित अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और क्षेत्राधिकारी को नुकसान का आकलन करने और बचाव कार्यों में समन्वय स्थापित करने के लिए तत्काल प्रभावित स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, "राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक टीम को तैनात कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को सतर्क कर दिया गया है और उसकी टीम राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता के लिए प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो चुकी है।"

सुलु ने बताया कि याजाली अधिकार क्षेत्र के भीतर उपलब्ध सभी रिजर्व कर्मियों और वाहनों को काम पर लगा दिया गया है, जबकि आपातकालीन अभियानों में सहायता के लिए पूर्व सैनिकों को भी बुलाया गया है। सचिव ने बताया कि एहतियात के तौर पर नीपको ने पन्योर लोअर पनबिजली परियोजना के जलाशय से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है और इस परियोजना में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जिले में सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है, जहां पोतिन और होज के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के तीन हिस्से भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे कई लोग रास्ते में फंस गए हैं। केयी पन्योर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंगद मेहता ने एक बयान में बताया कि भारी बारिश के कारण मानसून जनित व्यवधानों के चलते केयी पन्योर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले और अपर सुबनसिरी सहित कम से कम छह जिलों का संपर्क टूट गया है। 

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