Edited By Ramanjot,Updated: 04 May, 2026 06:41 PM

Ashok Dinda ने West Bengal विधानसभा चुनाव में मोयना सीट से लगातार दूसरी जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। Bharatiya Janata Party उम्मीदवार डिंडा ने टीएमसी प्रत्याशी को करीब 15 हजार वोटों से हराया।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में Ashok Dinda एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज डिंडा ने पूर्वी मिदनापुर की मोयना सीट से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के संकेत दिए हैं। Bharatiya Janata Party के उम्मीदवार अशोक डिंडा ने All India Trinamool Congress के प्रत्याशी चंदन मंडल के खिलाफ लगभग 15 हजार वोटों की बढ़त बनाई।
इस प्रदर्शन के साथ डिंडा लगातार दूसरी बार इस सीट से जीत दर्ज की। इससे पहले भी डिंडा ने इसी मोयना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पारी की मजबूत शुरुआत की थी। पिछली बार उन्होंने टीएमसी के तत्कालीन विधायक संग्राम कुमार दोलाई को कड़े मुकाबले में हराया था।
क्रिकेट से राजनीति तक का सफर
25 मार्च 1984 को पश्चिम बंगाल में जन्मे अशोक डिंडा ने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ टी-20 मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उन्होंने भारत के लिए 13 वनडे और 9 टी-20 मुकाबले खेले। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। डिंडा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 100 से ज्यादा मैच खेलते हुए 400 से अधिक विकेट लिए, जबकि लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उनके नाम 150 से ज्यादा विकेट दर्ज हैं। उनकी तेज गेंदबाजी और उछाल लेने की क्षमता ने उन्हें बंगाल क्रिकेट का अहम खिलाड़ी बनाया।
आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में योगदान
आईपीएल में डिंडा Kolkata Knight Riders, Royal Challengers Bangalore और Rising Pune Supergiant जैसी टीमों का हिस्सा रहे। 2008 से 2017 के बीच खेले गए 78 आईपीएल मैचों में उन्होंने 68 विकेट हासिल किए।
राजनीति में मजबूत पकड़
क्रिकेट के बाद राजनीति में कदम रखते हुए डिंडा ने तेजी से अपनी पहचान बनाई। बीजेपी ने उन्हें एक लोकप्रिय चेहरे के तौर पर मैदान में उतारा, जिसका फायदा पार्टी को मिला। लगातार दूसरी बार जीत की ओर बढ़ते हुए डिंडा ने यह साबित किया है कि खेल के मैदान के बाद राजनीति में भी उनकी पकड़ मजबूत हो रही है। हालांकि, राज्य में सरकार गठन को लेकर आधिकारिक परिणाम और घोषणा का इंतजार है, लेकिन मौजूदा रुझान राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।