Edited By Ramkesh,Updated: 04 May, 2026 01:15 PM

बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। एक सीट फालता पर 21 मई को फिर वोटिंग होगी। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 198 और टीएमसी 88 सीटों पर आगे चल रही है। अब तक भाजपा को 45%, TMC को 42% वोट मिलते दिख रहे हैं।
नेशनल डेस्क: बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। एक सीट फालता पर 21 मई को फिर वोटिंग होगी। शुरुआती रुझान में भाजपा को बहुमत मिला है। भाजपा 198 और टीएमसी 88 सीटों पर आगे चल रही है। अब तक भाजपा को 45%, TMC को 42% वोट मिलते दिख रहे हैं। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी आगे हैं। सुवेंदु अधिकारी पीछे चल रहे हैं। मोदी ने जहां झालमुड़ी खाई उस इलाके में भाजपा चारों सीटों पर आगे है। ये सीटें झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम हैं।
यहां 5 बड़े फैक्टर समझिए:-
मजबूत संगठन और बूथ मैनेजमेंट
भाजपा ने बंगाल में पिछले कुछ सालों में अपना संगठन काफी मजबूत किया। हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की तैनाती और माइक्रो-लेवल प्लानिंग से उसे सीधा फायदा मिला।
केन्द्र सरकार की योजनाओं का प्रभाव
प्रधानमंत्री Narendra Modi की योजनाएं—जैसे उज्ज्वला, पीएम आवास, आयुष्मान—का लाभ लोगों तक पहुंचा, जिससे ग्रामीण और गरीब वर्ग में समर्थन बढ़ा। जिस वजह से बंगाल में बीजेपी ने ममता के मजबूत किले को ध्वस्थ करने में सफल हुई।
विपक्ष के खिलाफ एंटी-इन्कम्बेंसी
लंबे समय से सत्ता में रही Mamata Banerjee सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, कटमनी और हिंसा जैसे मुद्दों पर नाराजगी का फायदा भाजपा को मिला।
ध्रुवीकरण और पहचान की राजनीति
धार्मिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर ध्रुवीकरण ने भी चुनावी समीकरण बदले। भाजपा ने खुद को “मजबूत विकल्प” के रूप में पेश किया। जिसका फायदा बीजेपी को मिलता दिखाई दे पड़ रहा है।
केंद्रीय नेतृत्व का आक्रामक प्रचार
Amit Shah, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी जैसे बड़े नेताओं ने लगातार रैलियां और रोड शो किए, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह भाजपा के पक्ष में मोड़ा गया। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग के मुताबिक बीजेपी 185, टीएम 93 पर आगे चल रही है। अंतिम नतीजे शाम तक आने की संभावना है।