Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Aug, 2026 07:28 AM

BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने मुंबई के 'रुस्तमजी क्राउन' में 128 फ़्लैट में कथित तौर पर बिना मंज़ूरी के किए गए निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई 128 फ़्लैट पर की जा रही है, जिनके मालिकों पर आरोप है कि उन्होंने बिल्डिंग की...
मुंबई: BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने मुंबई के 'रुस्तमजी क्राउन' में 128 फ़्लैट में कथित तौर पर बिना मंज़ूरी के किए गए निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई 128 फ़्लैट पर की जा रही है, जिनके मालिकों पर आरोप है कि उन्होंने बिल्डिंग की लिफ़्ट के आस-पास की कॉमन जगहों पर कब्ज़ा कर उन्हें अपने अपार्टमेंट में मिला लिया था। खबरों के मुताबिक, इनमें से कई फ़्लैट राजनेताओं, नौकरशाहों और बड़े कारोबारियों के हैं। विवादित जगहों की कीमत 250 करोड़ से ज़्यादा आंकी गई है। बिल्डिंग के प्रभावित हिस्से में प्रॉपर्टी की कीमत 1 लाख प्रति वर्ग फ़ुट से ज़्यादा बताई जाती है।
यह कार्रवाई RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद की गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि 128 फ़्लैट के मालिकों ने बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए लिफ़्ट के आस-पास की कॉमन जगहों पर कब्ज़ा कर लिया था। शिकायत के बाद, BMC के G-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर ने उन ढांचों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश दिया जो बिना मंज़ूरी के बने पाए गए थे।
'रुस्तमजी क्राउन' में तीन टावर हैं, और हर टावर 63 मंज़िला है। तीन में से दो टावरों को सिविक बॉडी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफ़िकेट मिल चुका है। तोड़-फोड़ की इस कार्रवाई ने सबका ध्यान इसलिए भी खींचा है क्योंकि जांच के दायरे में आए फ़्लैट्स से कई हाई-प्रोफ़ाइल लोगों के नाम जुड़े बताए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय राठौड़ और उनकी पत्नी शीतल राठौड़ से जुड़ा फ्लैट इस कार्रवाई की जांच के दायरे में है। राज्य के पूर्व मंत्री दीपक केसरकर का अपार्टमेंट भी प्रभावित फ़्लैट्स में शामिल बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, केसरकर इस फ़्लैट के लिए 4.20 लाख प्रति महीना किराया देते हैं। विधायक सदा सरवणकर के बेटे समाधान सरवणकर का नाम भी इस सूची में शामिल बताया जा रहा है।