Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Aug, 2026 02:20 PM

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक सख्त फैसला लिया है। आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में 3,500 किलोग्राम से कम वजन वाले नए हल्के मालवाहक वाहनों (LGVs) के लिए पेट्रोल,...
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक सख्त फैसला लिया है। आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में 3,500 किलोग्राम से कम वजन वाले नए हल्के मालवाहक वाहनों (LGVs) के लिए पेट्रोल, डीजल और सीएनजी- तीनों ईंधन से चलने वाले मॉडलों के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। 1 जनवरी 2027 के बाद राजधानी में सिर्फ इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों का ही नया रजिस्ट्रेशन हो सकेगा।
नए निर्देश के तहत, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में 3,500 किलोग्राम से कम वज़न वाले (N1 कैटेगरी) किसी भी नए CNG, डीज़ल या पेट्रोल लाइट गुड्स व्हीकल (LGV) का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा। ये पाबंदियां 1 जुलाई 2027 से NCR के ज़िलों - गुरुग्राम, फ़रीदाबाद, सोनीपत, ग़ाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर - में भी लागू होंगी। N1 का मतलब है सामान ढोने वाला मोटर वाहन जिसका कुल वज़न 3,500 किलोग्राम से ज़्यादा न हो
बुधवार को CAQM के चेयरमैन राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में, कमीशन ने दिल्ली-NCR में साफ़-सुथरे तरीके से चलने वाले LGV (लाइट कमर्शियल व्हीकल) के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने की मंज़ूरी दी। यह कदम दिल्ली-NCR में PM2.5 उत्सर्जन में गाड़ियों से होने वाले बड़े योगदान और LGV से होने वाले बहुत ज़्यादा पार्टिकुलेट उत्सर्जन को देखते हुए उठाया गया है।
CAQM ने N2 LGV के रजिस्ट्रेशन पर भी पाबंदियां लगाने की घोषणा की, N2 LGV उन गाड़ियों को कहते हैं जिनका अधिकतम वज़न 3,500 kg से 7,500 kg के बीच होता है। 1 जनवरी 2028 से दिल्ली में सिर्फ़ इलेक्ट्रिक N2 LGV के रजिस्ट्रेशन की इजाज़त होगी। यह पाबंदी गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाज़ियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में 1 जुलाई 2028 से और बाकी NCR में 1 जनवरी 2029 से लागू होगी।
यह कदम दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के बाद उठाया गया है। इस पॉलिसी के तहत, 30 जुलाई 2026 को यह नियम बनाया गया था कि 1 जनवरी 2027 से राष्ट्रीय राजधानी में नए रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ़ इलेक्ट्रिक N1 कैटेगरी के माल ढोने वाले वाहनों को ही मंज़ूरी दी जाएगी। CAQM का यह निर्देश इस बदलाव की योजना को NCR के दूसरे अहम ज़िलों तक भी बढ़ाता है। इसका मकसद कमर्शियल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और पूरे इलाके में हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।