भारत की नरमी को हल्के में ले रहा बांग्लादेश, PM रहमान की दिल्ली यात्रा पर फिर दिखाए तेवर

Edited By Updated: 20 Aug, 2026 06:03 PM

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के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा पर असमंजस बढ़ गया है। उनके सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि सम्मानजनक निमंत्रण और आपसी विश्वास का माहौल बनने तक दौरे की संभावना बहुत कम है। शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के...

Dhaka: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अगले महीने प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर असमंजस बढ़ गया है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के प्रधानमंत्री सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा है कि जब तक दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास का माहौल नहीं बनता और भारत की ओर से “सम्मानजनक निमंत्रण” नहीं मिलता, तब तक रहमान के भारत आने की संभावना बहुत कम है। भारत की ओर से रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने की कोशिशों के बावजूद बांग्लादेश तेवर दिखाता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को “यादगार” बनाने का संदेश दिए जाने के बाद भी ढाका ने अब शर्तों की बात छेड़ दी है।

 

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के सलाहकार हुमायूं कबीर ने साफ कहा है कि “सम्मानजनक निमंत्रण” और आपसी विश्वास का माहौल बने बिना रहमान की दिल्ली यात्रा की संभावना बहुत कम है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत की बातचीत और नरमी को ढाका हल्के में ले रहा है? भारत इस साल 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है। इसी सम्मेलन में शामिल होने के लिए रहमान के भारत आने की संभावना जताई जा रही थी। प्रधानमंत्री के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि बांग्लादेश किसी भी उच्चस्तरीय यात्रा को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। उनके मुताबिक, यात्रा तभी होनी चाहिए जब दोनों देशों के बीच स्पष्ट रूप से सहमति बने और बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखा जाए।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों से समझौता करके या उन्हें नजरअंदाज करके किसी उच्चस्तरीय यात्रा के लिए जल्दबाजी करने का कोई कारण नहीं है।

 

कबीर ने कहा कि BRICS सम्मेलन के लिए रहमान की भारत यात्रा की संभावना तब तक बहुत कम है, जब तक दोनों देशों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति के आधार पर उचित माहौल तैयार नहीं होता और भारत की ओर से सम्मानजनक निमंत्रण नहीं दिया जाता। ढाका की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि दोनों नेताओं की मुलाकात हो। त्रिवेदी ने यह भी कहा था कि मोदी चाहते हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा “यादगार” हो और भारत में उनका उचित सम्मान के साथ स्वागत किया जाएगा। लेकिन बांग्लादेशी सलाहकार के ताजा बयान से साफ है कि ढाका अभी भारत यात्रा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
 

भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा तनाव की एक बड़ी वजह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना हैं। अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद हसीना भारत आ गई थीं। बांग्लादेश लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि हसीना को भारत से राजनीतिक गतिविधियां और मीडिया के जरिए अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर बांग्लादेश में नाराजगी है। कबीर ने दावा किया कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे या दोषी ठहराए जा चुके लोगों को राजनीतिक या मीडिया मंच उपलब्ध कराना भारत की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। हालांकि, भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि हसीना से जुड़े एक मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और उस कार्यक्रम में बांग्लादेश सरकार के खिलाफ कही गई बातों का भारत समर्थन नहीं करता।
 

 

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