Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Feb, 2026 05:37 PM

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। एक गांव के मिडिल स्कूल में अचानक दर्जनों बच्चों के हाथों पर गहरे घाव और कटने के निशान मिलने से हड़कंप मच गया है। यह मामला सिर्फ चोट का नहीं,...
नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। एक गांव के मिडिल स्कूल में अचानक दर्जनों बच्चों के हाथों पर गहरे घाव और कटने के निशान मिलने से हड़कंप मच गया है। यह मामला सिर्फ चोट का नहीं, बल्कि बच्चों की मानसिक स्थिति और किसी अदृश्य प्रभाव की ओर इशारा कर रहा है, जिसने एक साथ 35 मासूमों को खुद को नुकसान पहुंचाने पर मजबूर कर दिया।
ऐसे खुला खौफनाक राज
दहदहा गांव के एक पिता ने जब अपने बच्चे के हाथ पर रहस्यमयी निशान देखे, तो उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। जब यह बात स्कूल तक पहुंची और गहन जांच की गई, तो परतें खुलती चली गईं। देखते ही देखते स्कूल के 35 बच्चों के हाथों पर ब्लेड या किसी नुकीली वस्तु से वार किए जाने के निशान मिले। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चे इस हरकत के पीछे की असली वजह बताने से कतरा रहे हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है।
मनोवैज्ञानिक जांच और काउंसलिंग का दौर
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और विशेषज्ञों की टीम गांव में डेरा डाले हुए है। 16 फरवरी को प्रभावित बच्चों और उनके डरे हुए माता-पिता के लिए एक विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। मनोवैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह किसी सोशल मीडिया चैलेंज का हिस्सा है, या फिर बच्चे किसी मानसिक दबाव या 'मास हिस्टीरिया' (सामूहिक उन्माद) का शिकार हुए हैं। शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को बच्चों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।