UNHC में कुरैशी ने उठाई मांग- अक्साई चिन को मिले चीन अधिकृत जम्मू-कश्मीर CoK का दर्जा, भड़क गया चीन

Edited By Tanuja,Updated: 24 Mar, 2022 01:05 PM

china gets aggravated after junaid raises aksai chin s issue at un

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHC) के 49वें सत्र के दौरान कश्मीर के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता जुनैद कुरैशी  ने अक्साई...

 इंटरनेशनल डेस्कः जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHC) के 49वें सत्र के दौरान कश्मीर के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता जुनैद कुरैशी  ने अक्साई चिन पर चीन के अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। उन्होंने UNHC से कहा कि चीन ने अक्साई चिन के एक बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा किया हुआ है इसलिए उसे औपचारिक रूप से 'चीन के कब्जे वाला जम्मू और कश्मीर' (CoK) की मान्यता दी जानी चाहिए।

 

चर्चा के दौरान जुनैद ने कहा कि मैं अपने पूर्वजों की भूमि जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर परिषद का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं, जिस पर कई सालों से परिषद में बहस होती आई है। कुरैशी ने कहा, 'अक्साई चिन जम्मू और कश्मीर के 20 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में फैला है, जो आकार में भूटान के लगभग बराबर है। संयुक्त राष्ट्र और उसके विभिन्न अंग जैसे मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर मौजूदा शब्दावली के आधार पर अक्साई चिन के मुद्दे पर चीन के अवैध कब्जे की पूरी तरह अनदेखी की है। ' उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर का मुद्दा जितना गंभीर है, उतना ही गंभीर यह विवाद भी है। 

 

जुनैद कुरैशी की इस मांग पर चीन ने कड़ा एतराज जताते  हुए कहा, 'जुनैद ने जो बयान दिया है वह चीन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ है। चीन ने यह भी कहा कि कुरैशी की यह मांग संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन भी है।  चीन ने अनुरोध किया कि जुनैद की मांग को नजरअंदाज किया जाए। 'बता दें कि श्रीनगर के जुनैद कुरैशी ब्रसेल्स स्थित यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज (EFSAS) के निदेशक हैं।  1950 के दशक में चीन ने अक्साई चिन (लगभग 38,000 वर्ग किमी क्षेत्र) पर कब्जा कर लिया था। अब यही इलाका दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है.

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