Edited By Mansa Devi,Updated: 06 Feb, 2026 11:23 AM

पूर्वोत्तर भारत के राज्य मणिपुर में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे बाद ही राज्य के चुराचंदपुर जिले में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। डिप्टी मुख्यमंत्री के तौर पर नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के दौरान...
नेशनल डेस्क: पूर्वोत्तर भारत के राज्य मणिपुर में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे बाद ही राज्य के चुराचंदपुर जिले में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। डिप्टी मुख्यमंत्री के तौर पर नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हो गया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
गौरतलब है कि मणिपुर में लंबे समय से जारी जातीय हिंसा के चलते केंद्र सरकार ने पिछले साल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। हाल ही में राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के बाद युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया गया था। हालांकि सरकार बनने के तुरंत बाद ही राज्य में अशांति फैल गई।
कुकी समूहों का विरोध, बंद का ऐलान
सरकार गठन के बाद कुकी समुदाय के कई संगठनों ने विरोध का रुख अपनाया। चुराचंदपुर में कुकी समूहों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और अपने समुदाय के विधायकों को चेतावनी दी कि वे नई सरकार की प्रक्रिया में भाग न लें। इसके साथ ही जिले में पूरी तरह बंद का आह्वान किया गया। प्रदर्शन के दौरान कई इलाकों में तनाव इतना बढ़ गया कि गोलीबारी की भी खबरें सामने आईं। Joint Front 7 नामक संगठन ने कुकी-जो बहुल इलाकों में 12 घंटे के बंद का एलान किया। बंद के चलते बाजार, स्कूल और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।
विरोध की वजह क्या है?
दरअसल, नई सरकार में कुकी-जो समुदाय की विधायक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने और कुछ विधायकों के समर्थन को लेकर समुदाय के भीतर असंतोष है। कई संगठनों का कहना है कि सरकार गठन की प्रक्रिया में समुदाय की सामूहिक राय को नजरअंदाज किया गया है। इस नाराजगी के चलते चुराचंदपुर जिले में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। तुइबोंग इलाके में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे, जहां दिनभर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें होती रहीं।
सुरक्षा बढ़ाई गई, हालात पर नजर
स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बल हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मणिपुर में नई सरकार के गठन के साथ शांति की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन 24 घंटे के भीतर भड़की हिंसा ने एक बार फिर राज्य की नाजुक स्थिति को उजागर कर दिया है।