Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 Mar, 2026 07:34 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने करीब 90 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में 900...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने करीब 90 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए जारी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना घर हो और सरकार इसी सपने को पूरा करने के लिए काम कर रही है।
सरकार के लिए पूरी आबादी ही परिवार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही परिवार है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें सीमित सोच के साथ केवल अपने हितों तक सिमटी रहती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्य में गरीब और वंचित वर्ग को प्राथमिकता देते हुए आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
महिलाओं को मिल रहा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम पर स्वीकृत किए गए हैं, जिससे वे अपने घर की मालिक बन रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण भी हो रहा है।
स्ट्रीट वेंडरों के लिए भी शुरू हुई योजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि पहले रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबार करने वाले लोगों के लिए कोई विशेष योजना नहीं थी, लेकिन अब पीएम स्वनिधि योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडरों को आसान लोन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
माफिया से मुक्त जमीन पर बनेंगे मकान
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीनों का उपयोग अब जनहित के कार्यों के लिए किया जा रहा है। इन जमीनों पर गरीबों के साथ-साथ पत्रकारों, शिक्षकों, डॉक्टरों और वकीलों के लिए भी आवास निर्माण की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें हटाकर वहां बहुमंजिला आवासीय इमारतें बनाकर जरूरतमंदों को घर उपलब्ध कराए जाएं।