अनुकंपा नियुक्ति विरासत में मिली संपत्ति नहीं, सास का ख्याल न रखा तो जाएगी नौकरी: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

Edited By Updated: 23 Apr, 2026 01:27 PM

compassionate appointment is not inherited property if mother in law is not tak

अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस एके प्रसाद ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अनुकंपा नियुक्ति किसी व्यक्तिगत उपहार *या विरासत में मिली संपत्ति नहीं है, बल्कि यह परिवार को आर्थिक संकट से उबारने...

नेशनल डेस्क: अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस एके प्रसाद ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अनुकंपा नियुक्ति किसी व्यक्तिगत उपहार *या विरासत में मिली संपत्ति नहीं है, बल्कि यह परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता है।

दरअसल, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की ज्ञांती तिवारी के पति घनश्याम तिवारी पुलिस विभाग में कांस्टेबल थे, जिनका निधन वर्ष 2001 में हुआ। उनके बेटे अविनाश तिवारी को बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति मिली लेकिन दिसंबर 2021 में उनका भी निधन हो गया। उसके बाद परिवार पर आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ा। बाद में सरकार की नीति के तहत बहू को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल गई। कुछ दिन तक बहू का व्यवहार सास के प्रति तो ठीक रहा लेकिन कुछ दिन बाद बहू का सास प्रति के प्रति व्यवहार बदल गया।

पीड़ित सास ने बहू के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अनुकंपा के आधार पर मिली नियुक्ति को रद्द कर अविवाहित पोती को नियुक्ति देने की मांग की थी।  कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त बहू को चेतावनी दी कि यदि वह अपनी सास के भरण-पोषण का ध्यान नहीं रखती है, तो उसकी नौकरी रद्द कर दी जाएगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!