Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Apr, 2026 12:22 PM

ईरान से जुड़े युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में...
बिजनेस डेस्कः ईरान से जुड़े युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर सकती है।
हालांकि, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की खबरें भ्रामक और शरारतपूर्ण हैं, जिनका उद्देश्य लोगों के बीच डर और घबराहट फैलाना है। सरकार के अनुसार, पिछले चार वर्षों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। साथ ही, सरकार और तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ आम जनता पर न पड़े, इसके लिए लगातार कदम उठाए हैं।