Edited By Tanuja,Updated: 23 Apr, 2026 12:16 PM

अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी नाकेबंदी को “सफल” बताया, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक 34 ईरान-समर्थित टैंकर इसे पार कर गए और करीब 900 मिलियन डॉलर का तेल कारोबार जारी रहा। इससे अमेरिका के दावों पर सवाल उठे और क्षेत्र में उसकी रणनीतिक पकड़ कमजोर...
International Desk: ईरान ने होर्मुज़ में कंट्रोल को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सभी दावों को ध्वस्त कर दिया है। ट्रम्म ने दावा किया कि Strait of Hormuz पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और उसकी नाकेबंदी बहुत सफल रही है। उनका कहना है कि यह कदम Iran पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है और जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं होता, यह जारी रहेगा। लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार इस दावे के विपरीत ईरान से जुड़े कम से कम 34 टैंकर इस नाकेबंदी को पार करने में सफल रहे। इनमें कई जहाज कच्चा तेल लेकर गए, जिससे ईरान को करीब 900 मिलियन डॉलर की कमाई हुई।
इससे यह साफ होता है कि नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी नहीं है। इन टैंकरों ने अमेरिकी निगरानी से बचने के लिए कई तरीके अपनाए। जैसे ट्रांसपोंडर बंद करना, समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में तेल ट्रांसफर करना और अलग रास्तों का इस्तेमाल करना। इससे उनकी पहचान और लोकेशन छिपी रहती है। अमेरिका भले ही नाकेबंदी को सफल बता रहा है, लेकिन जमीनी हालात दिखाते हैं कि ईरान अब भी तेल कारोबार जारी रखने में सफल है और होर्मुज़ में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।
स्थिति और जटिल तब हो गई जब Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने भी अपने नियम लागू कर दिए। अब जहाजों को ईरान के तय रूट पर चलना और अनुमति लेना जरूरी हो गया है। इससे एक तरह की “डबल नाकेबंदी” बन गई है एक तरफ अमेरिका का दबाव और दूसरी तरफ ईरान का नियंत्रण। तनाव और बढ़ गया जब ईरान ने कुछ जहाजों पर फायरिंग की और दो जहाजों को कब्जे में ले लिया। इसके कारण कई जहाजों ने रास्ता बदल दिया या रुक गए, जिससे समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ।