अब इस देश ने दिखाई सख्तीः 15 वर्ष से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगा रहा बैन, संसद में विधेयक पारित

Edited By Updated: 23 Apr, 2026 04:30 PM

turkish parliament passes bill to restrict social media access for under 15s

तुर्किये की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक पास किया है। कंपनियों को आयु सत्यापन और पैरेंटल कंट्रोल लागू करना होगा। सरकार इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी बता रही है, जबकि विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की...

International Desk: कई देशों ने बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन जोखिम कम करने के लिए सोशल मीडिया पर उम्र आधारित प्रतिबंध या सख्त नियम लागू किए हैं। इसी कड़ी में एक और देश का नाम जुड़ गया है।  तुर्किये की संसद ने बुधवार देर रात एक विधेयक पारित किया, जिसमें 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया मंचों तक पहुंच सीमित करने का प्रावधान शामिल है। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। यह कानून बच्चों और किशोरों को ऑनलाइन खतरनाक गतिविधियों से बचाने की वैश्विक प्रवृत्ति के मद्देनजर लाया गया है। 

 

सोशल मीडिया कंपनियों को चेतावनी
यह विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ है जब एक सप्ताह पहले काहरामानमाराश (दक्षिणी तुर्किये) में हुई गोलीबारी की घटना में 14 वर्षीय एक लड़के ने स्कूल में नौ छात्रों और एक शिक्षक की हत्या कर दी थी। इस घटना में हमलावर की भी मौत हो गई थी। पुलिस हमलावर की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि हमले के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के अनुसार नए कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को आयु सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी, अभिभावक नियंत्रण (पैरेंटल कंट्रोल) के साधन उपलब्ध कराने होंगे और हानिकारक मानी जाने वाली सामग्री (कंटेंट) पर तेजी से कार्रवाई करनी होगी। अब इस विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की मंजूरी की आवश्यकता है, जिन्हें 15 दिनों के भीतर इस पर निर्णय लेना होगा। काहरामानमाराश की घटना के बाद एर्दोआन ने बच्चों की सुरक्षा और निजता के लिए ऑनलाइन जोखिम कम करने की आवश्यकता पर बल दिया था।

 

सोशल मीडिया मंच  गंदगी का अड्डा बनेः एर्दोआन
एर्दोआन ने सोमवार को टेलीविजन पर अपने एक संबोधन में कहा, "हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म हमारे बच्चों के दिमाग को खराब कर रहे हैं और सोशल मीडिया मंच साफ शब्दों में कहें तो गंदगी का अड्डा बन गए हैं।" मुख्य विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा है कि बच्चों की सुरक्षा प्रतिबंधों से नहीं बल्कि अधिकार-आधारित नीतियों से सुनिश्चित की जानी चाहिए। कानून के तहत यूट्यूब, टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंच 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अकाउंट बनाने से रोकेंगे और अभिभावक नियंत्रण प्रणाली लागू करेंगे। इसके अलावा, ऑनलाइन गेम कंपनियों को भी तुर्किये में एक प्रतिनिधि नियुक्त करना होगा ताकि वे नए नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें। उल्लंघन की स्थिति में इंटरनेट बैंडविड्थ में कमी और जुर्माने जैसे दंड का प्रावधान है। तुर्किये सरकार पर हाल में ऑनलाइन मंचों पर प्रतिबंध लगाने के आरोप लगते रहे हैं, खासकर जब ये प्लेटफॉर्म असहमति व्यक्त करने का माध्यम बने हैं। 

 

इन देशों में भी सख्ती
कई देशों ने बच्चों की सुरक्षा और ऑनलाइन जोखिम कम करने के लिए सोशल मीडिया पर उम्र आधारित प्रतिबंध या सख्त नियम लागू किए हैं। यह सिर्फ तुर्केए  तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वैश्विक ट्रेंड बनता जा रहा है।

  • Australia ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त नियम लागू किए हैं। ऑस्ट्रेलिया 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध (NPR) लगाने वाला विश्व का पहला देश बना। 
  •  फ्रांस की संसद 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया (टिकटॉक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट) पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक कड़े कानून पर काम कर रही है, जो BBC के अनुसार सितंबर 2026 तक लागू हो सकता है।
  •  China सबसे सख्त देशों में शामिल है। वहां बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर समय सीमा तय है और रात में उपयोग पर भी रोक है।
  • ब्रिटेन सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने या सख्त नियम लागू करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।   ब्रिटेन ने भी सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त   “Online Safety” कानून के तहत प्लेटफॉर्म्स पर दबाव बढ़ाया है कि वे बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाएं और उम्र सत्यापन लागू करें।
     

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