Edited By Pardeep,Updated: 25 Jul, 2026 05:50 AM

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के आसपास तैनात चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) की मदद से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से अधिक लोगों की पहचान की गई है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नेशनल डेस्कः जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के आसपास तैनात चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) की मदद से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से अधिक लोगों की पहचान की गई है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि यह निगरानी प्रणाली आम प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद उन लोगों की पहचान करना है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो ''प्रदर्शन में घुसपैठ'' करके कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। चार एफआरएस यूनिट को प्रदर्शन स्थल के आस-पास मुख्य प्रवेश और निकास बिंदु पर लगाया गया है तथा ये सीधे दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ी हुई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी इस प्रणाली से वास्तविक समय में निगरानी करेंगे, जिससे वे किसी भी वांछित अपराधी, खराब चरित्र वाले व्यक्ति या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की पहचान तुरंत कर सकेंगे। पुलिस के एक सूत्र ने कहा, ''इस तकनीक की मदद से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,500 से अधिक लोगों की अब तक पहचान की जा चुकी है। यह एक प्रभावी कदम है और यह तकनीक ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखने में हमारी मदद करती है, जो प्रदर्शन की आड़ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''ये 'हाई-रिजॉल्यूशन' कैमरे हैं, जो दूर से भी चेहरे की तस्वीरें ले सकते हैं। किसी व्यक्ति के चेहरे की तस्वीर लेने के बाद उसे तुरंत पुलिस डेटाबेस से मिलाया जाता है। अगर इस प्रणाली के जरिए किसी वांछित या भगोड़े आरोपी की पहचान होती है, तो संबंधित पुलिस इकाई को तुरंत अलर्ट कर दिया जाता है और बिना देरी किए कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।''
पुलिस ने कहा कि यह तकनीक उन आदतन अपराधियों की पहचान करने में भी मदद करेगी, जो बार-बार आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड में ''खराब चरित्र'' वाले व्यक्ति के तौर पर दर्ज हैं।
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा, ''इस उपकरण की तैनाती से बचाव और जांच दोनों में मदद मिल सकती है। इससे हमें उन असामाजिक तत्वों के प्रति सतर्क रहने में मदद मिलती है, जो विरोध प्रदर्शन में घुसकर गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।'' यह पहली बार नहीं है, जब दिल्ली पुलिस ने एफआरएस कैमरे लगाए हैं। सुरक्षा इंतज़ामों के तहत, पुलिस ने पूर्व में भी गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, होली, दीपावली, ईद, रामलीला और कई अन्य मौकों पर शहर भर में इन्हें लगाया था।