Edited By Parveen Kumar,Updated: 09 Aug, 2026 12:39 AM

देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ, लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और...
नेशनल डेस्क : देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ, लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही तथा एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। मौत का नया मामला गोलाघाट ज़िले से सामने आया है।
इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं। चार दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच, राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार का दिन दो वर्षों में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज किया गया। महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त में होने वाली औसत मासिक बारिश लगभग पूरी हो गई है।
शनिवार को सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 98.7 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त में 2024 के बाद की सबसे अधिक बारिश है। वर्ष 2024 में अगस्त के पहले दिन 107.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। लगातार बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति देखने को मिली। कालिंदी कुंज बॉर्डर, आईटीओ, प्रेस एन्क्लेव मार्ग, गीतांजलि मार्ग और महरौली-बदरपुर रोड पर भारी जाम रहा। पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी यातायात प्रभावित हुआ, जिसमें जीटी रोड के कुछ हिस्से शामिल हैं। अगस्त के पहले सात दिनों के दौरान दिल्ली में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई।
शुक्रवार तक लगातार जारी बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी को प्रभावित किया। शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया, नालों में पानी का बहाव बढ़ गया और कई जगहों पर दीवारों तथा मकानों के ढहने की घटनाएं सामने आईं। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शनिवार सुबह तक 77 जलापूर्ति योजनाएं और 92 ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है।
केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा, हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है, जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है।