Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jun, 2026 01:26 PM

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2,004 करोड़ रुपये के कथित होमबायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (Earth Infrastructures Ltd.) के चार प्रमोटरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में...
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2,004 करोड़ रुपये के कथित होमबायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (Earth Infrastructures Ltd.) के चार प्रमोटरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 19,000 से अधिक घर खरीदारों और निवेशकों प्रभावित हुए है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता शामिल हैं। ED के अनुसार, इन सभी को 1 जून को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया। बाद में उन्हें दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने पूछताछ के लिए पांच दिन की ED हिरासत मंजूर की।
जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने 19,425 से अधिक होमबायर्स और निवेशकों से लगभग 2,004 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके बदले में उन्हें समय पर आवासीय और व्यावसायिक यूनिट देने तथा निश्चित रिटर्न का वादा किया गया था। हालांकि, कई परियोजनाएं अधूरी छोड़ दी गईं और खरीदारों को फ्लैट या यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया।
ED जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 467 करोड़ रुपये विभिन्न समूह कंपनियों, संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के जरिए कथित रूप से दूसरी जगहों पर ट्रांसफर किए गए। एजेंसी का कहना है कि निवेशकों से प्राप्त धन का एक हिस्सा चल और अचल संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया, जिन्हें प्रमोटरों और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर रखा गया।
यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज पांच FIR के आधार पर सामने आया था। इन FIR में कंपनी, उसके निदेशकों और संबंधित संस्थाओं पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने भी कंपनी के प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की है।
इससे पहले अप्रैल महीने में ED ने दिल्ली-NCR में अर्थ ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान करीब 6.30 करोड़ रुपये नकद, लगभग 8.78 करोड़ रुपये के आभूषण और 100 से अधिक अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।