Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Aug, 2026 05:22 PM

CBI FIR on Anil Ambani: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की शिकायत पर रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCL), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कथित वित्तीय...
CBI FIR on Anil Ambani: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की शिकायत पर रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCL), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई 31 जुलाई 2026 को की गई।
क्या है आरोप
शिकायत में आरोप है कि कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और फंड के दुरुपयोग के कारण EPFO को 1,007.55 करोड़ रुपए का मूल नुकसान हुआ। इसके अलावा 808.67 करोड़ रुपए की ब्याज देनदारी भी बनी, जिससे कुल कथित नुकसान 1,816.22 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
2,500 करोड़ रुपए का किया गया था निवेश
CBI के अनुसार, वर्ष 2013 और 2014 में रिलायंस कैपिटल ने सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए थे। EPFO ने रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड सहित चार पोर्टफोलियो मैनेजरों के माध्यम से इन NCDs में करीब 2,500 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इन डिबेंचर्स की मैच्योरिटी 2023 और 2024 में होनी थी।
फंड डायवर्जन का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित रूप से धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन और फंड के डायवर्जन के जरिए ऐसी स्थिति पैदा की, जिससे रिलायंस कैपिटल समय पर NCDs का भुगतान (रिडेम्प्शन) नहीं कर सकी। इसी वजह से EPFO को हजारों करोड़ रुपये का कथित वित्तीय नुकसान हुआ।
सभी संबंधित पक्षों की होगी जांच
CBI ने कहा है कि जांच के दौरान मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। एजेंसी यह भी जांच करेगी कि निवेश की गई राशि का अंतिम उपयोग कहां और किस उद्देश्य से किया गया तथा क्या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।
रिलायंस समूह की अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में
CBI के अनुसार, इससे पहले रिलायंस ADA समूह की अन्य कंपनियों- रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम (RTL) के खिलाफ भी सरकारी बैंकों और LIC की शिकायतों पर सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
एजेंसी ने बताया कि इन मामलों में अब तक चार चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी मामलों की जांच जारी है और इनकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है।