Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Feb, 2026 12:18 PM

राजस्थान के भिवाड़ी जिले के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। फैक्ट्री के प्लॉट नंबर G1/118B में आग इतनी तेजी से फैली कि कर्मचारियों और आसपास के लोगों के लिए हालात नियंत्रण से बाहर हो...
नेशनल डेस्क: राजस्थान के औद्योगिक केंद्र भिवाड़ी के खुशखेड़ा इलाके से सोमवार की सुबह एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई। यहाँ एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक भड़की आग ने तांडव मचाते हुए 7 मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि पल भर में ही पूरी फैक्ट्री आग के गोले में तब्दील हो गई और अंदर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। रसायनों (Chemicals) की मौजूदगी ने आग में घी का काम किया, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चीख-पुकार के बीच मौत का तांडव
खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर G1/118B स्थित इस फैक्ट्री में सोमवार सुबह जब कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था, तभी अचानक आग की लपटें दिखाई दीं। उस वक्त फैक्ट्री के अंदर करीब 20 से 25 मजदूर मौजूद थे। आग की लपटें उठते ही फैक्ट्री में भगदड़ मच गई। कुछ मजदूर जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागने में सफल रहे, लेकिन सात बदकिस्मत कर्मचारी लपटों के बीच घिर गए। जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचतीं, तब तक वे अंदर ही दम तोड़ चुके थे।
प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल तैनात
हादसे की खबर मिलते ही भिवाड़ी एसपी, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह और अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। भिवाड़ी, तिजारा और आसपास के अन्य क्षेत्रों से बुलाई गई दर्जनों दमकल गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में एक-एक कर 7 शव बरामद किए गए, जिन्हें देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप उठी।
परिजनों का गुस्सा और जांच के घेरे में लापरवाही
घटना के बाद मृतकों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। फैक्ट्री के बाहर जमा हुए लोगों ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुमित्रा मिश्र ने 7 मौतों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सवालों के घेरे में सुरक्षा मानक
केमिकल फैक्ट्री जैसी संवेदनशील जगहों पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और फायर ऑडिट जैसे गंभीर विषयों पर सवालिया निशान लगा दिया है।