बंगाल में चुनाव आयोग का हंटर: चुनावी ड्यूटी में कोताही पर 7 बड़े अधिकारी सस्पेंड, सरकार को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

Edited By Updated: 16 Feb, 2026 10:00 AM

west bengal  election commission west bengal suspends 7 officer negligence

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही चुनाव आयोग (ECI) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। चुनावी तैयारियों और ड्यूटी में लापरवाही...

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही चुनाव आयोग (ECI) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। चुनावी तैयारियों और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोपों के चलते आयोग ने विभिन्न जिलों के 7 राजपत्रित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता के साथ समझौता कर रहे थे।

मुख्य सचिव को कड़ा आदेश: तुरंत शुरू करें विभागीय जांच
चुनाव आयोग ने इस मामले में केवल निलंबन पर ही संतोष नहीं किया, बल्कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि इन सभी 7 अधिकारियों के खिलाफ बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। आयोग ने राज्य सरकार से इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। माना जा रहा है कि वोटर लिस्ट रिवीजन और ग्राउंड लेवल की तैयारियों में बरती गई अनियमितताओं के कारण यह गाज गिरी है।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज: मुर्शिदाबाद से लेकर डेबरा तक कार्रवाई
निलंबित किए गए अधिकारियों में राजस्व, कृषि और विकास खंडों के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात 'असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स' (AERO) शामिल हैं। कार्रवाई की जद में आए प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज से सहायक निदेशक डॉ. सेफौर रहमान और फरक्का के राजस्व अधिकारी नीतीश दास को सस्पेंड किया गया है। वहीं, मयनागुड़ी की दलिया रे चौधरी, सुती विधानसभा क्षेत्र के एसके मुर्शिद आलम, और कैनिंग पुरबो के संयुक्त बीडीओ सत्यजीत दास व जॉयदीप कुंडू पर भी कड़ी कार्रवाई हुई है। इसके अलावा, डेबरा के संयुक्त बीडीओ देबाशीष विश्वास को भी कर्तव्य में लापरवाही का दोषी पाया गया है।

चुनाव पूर्व सफाई अभियान की शुरुआत
पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए आयोग किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। वोटर लिस्ट में सुधार और मतदान केंद्रों की समीक्षा का काम जोरों पर है। आयोग का मानना है कि यदि जमीनी स्तर के अधिकारी ही निष्पक्ष नहीं रहेंगे, तो लोकतंत्र के इस महापर्व की शुचिता प्रभावित हो सकती है।  

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!