Edited By Pardeep,Updated: 21 Oct, 2026 11:15 PM

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बच्चों के पोषण पेय पदार्थ (न्यूट्रिशनल ड्रिंक्स) और इन्फेंट फॉर्मूला (शिशु आहार) के विज्ञापनों में किए जा रहे दावों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बच्चों के पोषण पेय पदार्थ (न्यूट्रिशनल ड्रिंक्स) और इन्फेंट फॉर्मूला (शिशु आहार) के विज्ञापनों में किए जा रहे दावों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। FSSAI ने नेस्ले इंडिया, एबॉट हेल्थकेयर, न्यूट्रीशिया इंटरनेशनल, मीड जॉनसन न्यूट्रिशन इंडिया और जायडस वेलनेस जैसी दिग्गज कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर विज्ञापनों में किए गए दावों के पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाण मांगे हैं।
नेस्ले के 'पाचन' और 'इम्युनिटी' के दावों पर उठे सवाल
FSSAI ने नेस्ले इंडिया को नोटिस जारी कर उसके इन्फेंट फॉर्मूला पाउडर 'लैकटोजन प्रो 1' (Lactogen Pro 1) के इस दावे पर वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा है कि इसमें मौजूद वे प्रोटीन "पचाने में आसान" (easy to digest) है। इसके अलावा नेस्ले के 'नान एक्सेल प्रो स्टेज 1' (Nan Excella Pro Stage 1) उत्पाद में "5 एचएमओ सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सहारा देते हैं" वाले दावे पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। नियामक का मानना है कि इस तरह के दावे किसी विशेष शारीरिक स्थिति या बीमारी के उपचार व रोकथाम से जुड़े भ्रम पैदा कर सकते हैं, जो नियमों का उल्लंघन है।

कॉम्प्लान के '2X तेज़ ग्रोथ' और 'दिमागी विकास' के दावों पर नोटिस
बच्चों के लोकप्रिय हेल्थ ड्रिंक कॉम्प्लान (Complan) को लेकर FSSAI ने जायडस वेलनेस प्रॉडक्ट्स लिमिटेड को नोटिस भेजा है। कॉम्प्लान के पैकेजिंग और ऑनलाइन विज्ञापनों में किए जा रहे "2 गुना तेज बढ़ोतरी" (2X Faster Growth), "एकाग्रता और याददाश्त में मददगार" तथा "प्रो इम्युनिटी + 34 वाइटल न्यूट्रिएंट्स" जैसे दावों पर वैज्ञानिक जवाब मांगा गया है। नियामक का कहना है कि पैकेजिंग पर बच्चों की तस्वीरों के साथ "4 फ्लेवर में आती है ग्रोथ" जैसे विज्ञापन देना खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) नियम, 2018 का उल्लंघन प्रतीत होता है।
सोशल मीडिया पर शिशु आहार के प्रचार पर FSSAI सख्त
इसके अतिरिक्त, FSSAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर इंफ्लुएंसर इरा फातिमा और प्रमुख कंपनियों को नोटिस जारी किया है। एक इंस्टाग्राम रील में नान-प्रो 1, एप्टामिल प्रीमियम 1, सिमिलैक एडवांस 1, एनफामिल ए+ स्टेज 1 और डेक्सोलैक 1 जैसे इन्फेंट फॉर्मूला उत्पादों को "टॉप 5" बताकर उनके इम्युनिटी, मस्तिष्क विकास और पाचन से जुड़े फायदों का प्रचार किया जा रहा था। FSSAI का आरोप है कि यह प्रचार 'इन्फेंट मिल्क सब्स्टीट्यूट्स एक्ट, 1992' और 2020 के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हो सकता है, जो शिशु आहार के सार्वजनिक विपणन पर रोक लगाते हैं।
कंपनियों से निर्धारित समय सीमा में मांगा जवाब
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यह नोटिस कंपनियों से स्पष्टीकरण और वैज्ञानिक साक्ष्य मांगने के लिए जारी किए गए हैं और ये स्वयं में कोई अंतिम कानूनी दायित्व तय नहीं करते हैं। नियामक ने कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तय अवधि में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।