Edited By Purnima Singh,Updated: 21 Jul, 2026 12:06 PM

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के तहत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए रियायती सीमा शुल्क (Concessional Duty) पर पूरी तरह से निर्मित पैसेंजर कारों और मालवाहक वाहनों के आयात की प्रक्रिया शुरू कर दी...
नेशनल डेस्क: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के तहत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए रियायती सीमा शुल्क (Concessional Duty) पर पूरी तरह से निर्मित पैसेंजर कारों और मालवाहक वाहनों के आयात की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने पहले चरण में आयातकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
पहले चरण में 9,316 वाहनों के आयात का कोटा
सरकार के अनुसार, CETA के तहत पहले वर्ष में UK से 20,000 वाहनों के आयात की अनुमति दी जाएगी। इसके पहले चरण में 9,316 यूनिट्स के आयात के लिए कोटा निर्धारित किया गया है। इच्छुक आयातक 21 जुलाई से 4 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे।
सिर्फ OEM और अधिकृत डीलर ही कर सकेंगे आवेदन
इस योजना के तहत केवल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और UK में निर्मित वाहनों के अधिकृत डीलर या चैनल पार्टनर ही टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। आवेदन के साथ UK स्थित वाहन निर्माता की ओर से जारी प्री-परचेज एग्रीमेंट देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि संबंधित TRQ वर्ष के दौरान भारत में कितने वाहन सप्लाई किए जाएंगे।
छोटी और प्रीमियम कारों के लिए अलग-अलग कोटा
DGFT के अनुसार, 1500 सीसी तक की इंजन क्षमता वाली कारों के लिए 2,329 यूनिट्स का कोटा तय किया गया है। वहीं, प्रीमियम कारों के लिए 4,658 यूनिट्स का कोटा निर्धारित किया गया है। इन प्रीमियम वाहनों पर आयात शुल्क घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे इनकी कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।