आदिवासी समाज बचेगा तो सनातन धर्म बचेगा: वनवासी कल्याण आश्रम प्रमुख

Edited By Updated: 25 May, 2026 02:48 AM

if tribal society survives sanatan dharma will survive vanvasi kalyan ashram

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने रविवार को दिल्ली में आयोजित आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन को ''आदिवासी समाज का कुंभ'' बताया और कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए...

नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने रविवार को दिल्ली में आयोजित आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन को ''आदिवासी समाज का कुंभ'' बताया और कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए आदिवासियों का अस्तित्व आवश्यक है। 

आदिवासियों के आदर्श बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर लालकिला मैदान में आयोजित 'जनजाति सांस्कृतिक समागम' को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि आदिवासी संस्कृति भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है। सिंह ने आदिवासी पहचान को संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। 

उन्होंने कहा, ''यदि आदिवासी समाज जीवित रहेगा तो सनातन धर्म जीवित रहेगा। यदि आदिवासी संस्कृति जीवित रहेगी तो भारत की संस्कृति जीवित रहेगी।'' सिंह ने कहा, ''आदिवासी समुदाय सनातन संस्कृति और सभ्यता का संरक्षक एवं वाहक है।'' 

उन्होंने आदिवासियों के ईसाई धर्म तथा अन्य धर्मों में मतांतरण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इससे न केवल आदिवासी संस्कृति नष्ट हो रही है बल्कि समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर भी असर पड़ रहा है। सिंह ने कहा, ''सरकार को मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए। अनुसूचित जनजातियों को उनके अधिकार और लाभ मिलने चाहिए।''

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!