Edited By Tanuja,Updated: 01 Sep, 2026 02:33 PM

भारत और ब्रिटेन ने रक्षा सहयोग को मजबूत करते हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण बढ़ाने पर सहमति जताई। दिल्ली में 25वीं रक्षा परामर्श समूह बैठक में रक्षा उद्योग, R&D, Vision 2035, 10-वर्षीय औद्योगिक रोडमैप और हिंद-प्रशांत समुद्री...
New Delhi: भारत और ब्रिटेन ने अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों ने सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए द्विपक्षीय आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति जताई है। दिल्ली में हुई 25वीं भारत-UK रक्षा परामर्श समूह (DCG) बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उद्योग, सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के स्थायी अवर सचिव जेरेमी पॉकलिंगटन ने की। बैठक में दोनों देशों ने माना कि भारत और ब्रिटेन की सेनाओं के बीच नियमित संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण से आपसी सैन्य सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है। दोनों पक्षों ने सशस्त्र बलों के बीच संपर्क और आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ-साथ क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया।
इससे दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की संचालन क्षमता और प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। बैठक में भारत और ब्रिटेन के बीच चल रहे रक्षा औद्योगिक सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास यानी R&D को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए India-UK Vision 2035 और Ten-Year Defence Industrial Roadmap को महत्वपूर्ण आधार माना गया। इसका उद्देश्य रक्षा तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ाना है।बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत में जारी मजबूत समुद्री सुरक्षा सहयोग को रेखांकित किया। इसके तहत Indo-Pacific Oceans Initiative के अंतर्गत Regional Maritime Security Centre of Excellence की स्थापना को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा गया। समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हिंद-प्रशांत में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर सकता है। बैठक के दौरान दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार साझा किए। भारत और ब्रिटेन ने आपसी सुरक्षा तथा रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने कहा कि भारत-UK रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा संबंध अब केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश रक्षा उद्योग, तकनीक, अनुसंधान, समुद्री सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। Vision 2035 और 10-Year Defence Industrial Roadmap के जरिए दोनों देश रक्षा क्षेत्र में लंबी अवधि की साझेदारी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। नई दिल्ली में हुई यह बैठक इसी व्यापक रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।