संयुक्त राष्ट्र में भारत ने UNSC की स्थायी सदस्यता के दावे का किया बचाव

Edited By Updated: 06 Apr, 2023 02:13 PM

india defends its claim to permanent membership at unsc

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अपनी सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के दावे का बचाव किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने...

न्यूयार्क: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अपनी सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के दावे का बचाव किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का बचाव करते हुए कहा कि अस्थायी सदस्यता का विस्तार करने से स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बीच मतभेद बढ़ेंगे। UNSC को संबोधित करते हुए कंबोज ने स्पष्ट किया कि भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों की सदस्यता के विस्तार के पक्ष में है क्योंकि सुरक्षा परिषद के वास्तविक सुधार का सिर्फ यही एक रास्ता है।

 

कंबोज ने यह भी कहा कि सिर्फ अस्थायी श्रेणी का विस्तार करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, 'हम सभी मानते हैं कि सुरक्षा परिषद का वर्तमान ढांचा सामयिक वास्तविकताओं को प्रतिबंबित नहीं करता और इसमें सुधार की तत्काल जरूरत है। 'कंबोज ने 2015 के फ्रेमवर्क डाक्यूमेंट के हवाले से कहा, 'सदस्यता की श्रेणियों के मुद्दे पर 122 में से 113 सदस्यों ने चार्टर में निर्दिष्ट दोनों वर्तमान श्रेणियों में विस्तार का समर्थन किया था। इसका मतलब है कि डाक्यूमेंट में लिखित पक्ष रखने वाले 90 प्रतिशत से ज्यादा देशों ने दोनों श्रेणियों की सदस्यता के विस्तार का समर्थन किया है।'

 

स्थायी श्रेणी में विस्तार को अलोकतांत्रिक बताने संबंधी दलीलों पर कंबोज ने कहा, 'हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि जिस चीज की बहुसंख्यक सदस्य मांग कर रहे हैं, वह अलोकतांत्रिक कैसे है। हम अंतरसरकारी वार्ताओं में अल्पसंख्यकों के बंधक नहीं हो सकते और न ही होते रहने चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया, वह इस बात पर चर्चा नहीं कर रही हैं कि परिषद में विस्तार और सुधार के बाद नई स्थायी सीटें किसे मिलेंगी, बल्कि वह नई स्थायी सीटों के सृजन के लिए संभावित फ्रेमवर्क पर चर्चा कर रही हैं।
 
 

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