केरल में डिजिटल जनगणना की तैयारी, 16 जून से शुरू होगी स्व-जनगणना प्रक्रिया

Edited By Updated: 26 Apr, 2026 10:44 AM

kerala prepares for a digital census self enumeration process to begin on june

केरल में 2027 की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों से दो चरणों में होगी, जिसमें पहली बार बड़े पैमाने पर स्व-गणना और मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह की शुरुआत की जाएगी। पहला चरण एक जुलाई से 30 जुलाई, 2027 तक चलेगा। इससे पहले निवासियों के पास 16 जून से शुरू...

नेशनल डेस्क: केरल में 2027 की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों से दो चरणों में होगी, जिसमें पहली बार बड़े पैमाने पर स्व-गणना और मोबाइल-आधारित डेटा संग्रह की शुरुआत की जाएगी। पहला चरण एक जुलाई से 30 जुलाई, 2027 तक चलेगा। इससे पहले निवासियों के पास 16 जून से शुरू होने वाली 15-दिवसीय अवधि के लिए ऑनलाइन स्व-गणना पूरी करने का विकल्प होगा। इसमें घरों की सूची बनाना और आवास जनगणना शामिल है। 

मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग दे सकते हैं जानकारी 
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 के लिए निर्धारित है। डिजिटल प्रणाली के तहत गणना करने वाले एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस), हाउस लिस्टिंग ब्लॉक कार्विंग (एचएलबीसी) पोटर्ल, एचएलओ ऐप और स्व-गणना पोटर्ल जैसे प्लेटफॉर्म तैनात किए जाएंगे। प्रारंभिक चरण में 33 प्रश्नों का एक सर्वेक्षण शामिल होगा, जो आवास की स्थिति, सुविधाओं और घरेलू संपत्तियों पर केंद्रित होगा। 

जिलों में प्रधान जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे
सामान्य प्रशासन विभाग जनगणना के लिए राज्य की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा, और इसके सचिव राज्य नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। जिला कलेक्टर अपने-अपने जिलों में प्रधान जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। तैयारियों के हिस्से के रूप में, 18 अप्रैल को मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक की अध्यक्षता में प्रधान जनगणना अधिकारियों का एक राज्य-स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया था। 

रोडमैप प्रस्तुत
उपस्थित लोगों में योजना विभाग की प्रधान सचिव डॉ. शर्मिला मैरी जोसेफ, उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एस. अजिता बेगम, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव तथा राज्य जनगणना नोडल अधिकारी के. बीजू शामिल थे। जनगणना संचालन निदेशक और मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. मित्रा टी ने 2027 की जनगणना के लिए परिचालन रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसके बाद उपयोग किए जाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों के लिए जिला-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 अप्रैल से पूरे केरल के कलेक्ट्रेटों में चल रहे हैं। ये कार्यक्रम जनगणना कार्य के लिए डिजिटल कार्यप्रवाह और जिम्मेदारियों पर केंद्रित हैं। इसमें जिला, नगर निगम और प्रभार स्तर के अधिकारी शामिल हैं। 

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