Edited By Parveen Kumar,Updated: 12 Apr, 2026 05:38 PM

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई श्राइन बोर्ड की अहम बैठक में अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस वर्ष पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस...
नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई श्राइन बोर्ड की अहम बैठक में अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस वर्ष पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से प्रारंभ होगी। प्रशासन के अनुसार, इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है, जिसे देखते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
पंजीकरण की पूरी व्यवस्था
यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की न्यूनतम आयु 13 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष तय की गई है। पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। ऑफलाइन पंजीकरण देशभर में Punjab National Bank, State Bank of India, Yes Bank और Jammu & Kashmir Bank की 554 शाखाओं में उपलब्ध रहेगा। वहीं, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए किया जा सकेगा।
सुरक्षा और सुविधाओं में बड़ा सुधार
इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए RFID कार्ड जैसी नई तकनीक लागू की गई है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए समूह दुर्घटना बीमा राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। पोनी मालिकों के लिए भी राहत दी गई है- घोड़े की मृत्यु होने पर 50 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
यात्रा मार्ग हुए और बेहतर
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण किया गया है, जिससे आवाजाही अधिक सुगम हो सके।
स्वास्थ्य और ठहरने की विशेष व्यवस्था
बालटाल में नया यात्री निवास शुरू कर दिया गया है, जबकि श्रीनगर में भी यात्रियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध है। सुरक्षा के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। मौसम की सटीक जानकारी के लिए डॉप्लर रडार लगाया गया है। साथ ही, यात्रियों की स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए 200 बेड का अस्पताल भी तैयार किया गया है।