Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Mar, 2026 10:36 AM

एक हंसता-खेलता सफर कब मातम में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। राजस्थान के निंबाहेड़ा में तैनात एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (ADJ) राजकुमार चौहान के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. जोधपुर से लौटते वक्त एक 'साइलेंट हार्ट अटैक' ने उनकी जीवनसंगिनी को उनसे हमेशा...
नेशनल डेस्क: एक हंसता-खेलता सफर कब मातम में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। राजस्थान के निंबाहेड़ा में तैनात एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (ADJ) राजकुमार चौहान के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. जोधपुर से लौटते वक्त एक 'साइलेंट हार्ट अटैक' ने उनकी जीवनसंगिनी को उनसे हमेशा के लिए छीन लिया. इस पूरी घटना की सबसे विचलित करने वाली बात यह रही कि जब पत्नी ट्रेन के वॉशरूम के भीतर दम तोड़ रही थीं, तब पति बेखबर होकर स्टेशन पर उनके उतरने का इंतज़ार कर रहे थे।
अलग-अलग कोच में था रिजर्वेशन
जज राजकुमार चौहान अपनी पत्नी उषा चौहान के साथ कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। चूंकि दोनों की सीटें अलग-अलग कोच में आरक्षित थीं, इसलिए वे अपने-अपने डिब्बों में सवार थे। सफर के दौरान दोनों फोन पर एक-दूसरे का हालचाल ले रहे थे। निंबाहेड़ा स्टेशन आने से ठीक पहले उषा ने पति को फोन कर बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी।
प्लेटफॉर्म पर बीतीं बेचैनी की घड़ियां
जैसे ही ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पर रुकी, जज साहब अपना सामान लेकर नीचे उतर गए और अपनी पत्नी के कोच के सामने जाकर खड़े हो गए. मिनट बीतते गए, मुसाफिर उतरते रहे, लेकिन उषा कहीं नजर नहीं आईं। काफी देर तक तलाश करने और मोबाइल पर संपर्क न हो पाने के कारण उनकी चिंता गहरी होती गई. इस बीच ट्रेन स्टेशन से आगे के लिए रवाना हो चुकी थी। घबराए हुए पति ने तुरंत रेलवे पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई।
मोबाइल लोकेशन और बंद दरवाजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत महिला के फोन की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन से साफ हुआ कि उषा अभी भी उसी चलती ट्रेन के भीतर ही हैं. इसके बाद मंदसौर और फिर जावरा स्टेशन पर ट्रेन को रुकवाकर सघन तलाशी ली गई। जब पुलिस उस कोच के वॉशरूम के पास पहुंची जिसमें उषा सवार थीं, तो वहां का दरवाजा अंदर से बंद मिला। बार-बार दस्तक देने के बाद भी जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो अनहोनी का शक गहरा गया।
दरवाजा तोड़ते ही सामने आया मंजर
रेलवे कर्मचारियों ने मशक्कत के बाद जब वॉशरूम का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य देख सबके होश उड़ गए। उषा वहां बेसुध पड़ी थीं। उन्हें तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में डॉक्टरों का मानना है कि उन्हें 'साइलेंट हार्ट अटैक' आया था, जिसके कारण उन्हें संभलने या मदद मांगने का मौका तक नहीं मिला। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद गमगीन माहौल में शव परिजनों को सौंप दिया गया है।