Edited By Ramkesh,Updated: 20 Aug, 2026 02:40 PM

सज्जन कुमार दिल्ली के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में रहे और 1977 में नगर निगम पार्षद के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। बाद में वे दिल्ली से लोकसभा सांसद भी बने। हालांकि 1984 सिख विरोधी दंगों में नाम में आने के बाद काफी चर्चा में रहे। दिल्ली के...
नई दिल्ली : सज्जन कुमार दिल्ली के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में रहे और 1977 में नगर निगम पार्षद के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। बाद में वे दिल्ली से लोकसभा सांसद भी बने। हालांकि 1984 सिख विरोधी दंगों में नाम में आने के बाद काफी चर्चा में रहे। दिल्ली के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में शुमार रहे कुमार को दंगा मामलों में अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा हुई और वे तिहाड़ जेल में सजा काट रहे थे।
ट्रायल कोर्ट से मिली थी राहत
दरअसल, 2018 में दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली कैंट में एक सिख परिवार के पांच सदस्यों की हत्या और गुरुद्वारे में आगजनी के मामले में उन्हें दोषी ठहराया था। बाद में 2025 में एक अन्य 1984 दंगा मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई। हालांकि उन्हे ट्रायल कोर्ट से राहत मिली थी लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई।
सज्जन कुमार कौन हैं?
सज्जन कुमार कांग्रेस के एक सीनियर नेता हैं जो 1970 के दशक के आखिर से दिल्ली की राजनीति में एक्टिव हैं। कुमार ने पहली बार 1977 में लोकल म्युनिसिपल चुनाव में जीत हासिल की और पार्षद चुने गए। सज्जन बाद में 2004 में कांग्रेस के टिकट पर पार्लियामेंट के सदस्य बने, जब अटल बिहार वाजपेयी की अगुवाई वाली NDA को हराकर UPA सत्ता में आई।
80 वर्ष की उम्र में निधन
हालांकि, 2026 में एक अन्य 1984 दंगा मामले में दिल्ली की अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। उस मामले में अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका। उन्होंने 20 अगस्त 2026 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सज्जन कुमार का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।