Edited By Ramkesh,Updated: 27 Jul, 2026 12:27 PM

नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में गत सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी हंगामें के बीच एक बार फिर लोगसभा और विधानसभा की कार्रवाई को 2 बजे तक स्थगति कर दिया गया है। हालांकि विपक्ष के हंगामे के बीच पेपर लीक के खिलाफ...
नेशनल डेस्क: नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में गत सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी हंगामें के बीच एक बार फिर लोगसभा और विधानसभा की कार्रवाई को 2 बजे तक स्थगति कर दिया गया है। हालांकि विपक्ष के हंगामे के बीच पेपर लीक के खिलाफ लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने बिल पेश किया।
आप को बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग करते हुए सोमवार को लोकसभा में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई और आज भी प्रश्नकाल नहीं चल सका।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। सदन की बैठक शुरू होते ही अध्यक्ष बिरला ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय वेट लिफ्टर मीराभाई चानू समेत अन्य पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्हें बधाई दी। इसके बाद जैसे ही उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के आगे आ गए।
दरअसल वे दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग कर रहे थे। बिरला ने कहा कि वह पहले ही यह व्यवस्था दे चुके हैं कि प्रश्नकाल में केवल सदस्य सरकार से सवाल पूछ सकते हैं और अन्य कोई मुद्दा नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने शोर-शराबा कर रहे विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर जाकर बैठने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ''भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इस सदन की मर्यादाओं और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सभी सदस्यों की है।
उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए यह भी कहा, ''मैं कुछ दिन से सदस्यों का व्यवहार देख रहा हूं। यह व्यवहार सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। मुझे ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।'' बिरला ने कहा, ''आप संवाद करो, चर्चा करो, महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात करो लेकिन तख्तियां लेकर यहां आना उचित नहीं है।'' शोर-शराब नहीं थमा तो अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन में आज भी प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले पूरे सप्ताह प्रश्नकाल नहीं चल सका था।