अमेरिका की ईरान पर समुद्री नाकेबंदी और सख्त; 12 जहाजों का रास्ता बदला व 2 शिप किए निष्क्रिय

Edited By Updated: 26 Jul, 2026 01:55 PM

12 commercial vessels redirected two  non compliant  ships disabled

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी पूरी तरह लागू है। अमेरिका ने 12 जहाजों का रास्ता बदला, दो की जांच की और आदेश न मानने वाले दो जहाजों को निष्क्रिय कर दिया। बढ़ते तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर...

International Desk: मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच समुद्री तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ उसकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू है। अमेरिकी सेना ने 12 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदलवाया, दो जहाजों पर चढ़कर जांच की और आदेशों की अवहेलना करने वाले दो जहाजों को निष्क्रिय (Disabled) कर दिया।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि ईरान की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गठबंधन सेनाओं ने अब तक 12 वाणिज्यिक जहाजों को निर्धारित सुरक्षा घेरे से हटाकर दूसरे मार्ग पर भेजा है। CENTCOM ने कहा कि उसका अभियान अनधिकृत समुद्री परिवहन को रोकने और ईरानी बंदरगाहों तक पहुंच सीमित करने के लिए जारी रहेगा।

 

अमेरिकी सेना ने अरब सागर में कोमोरोस (Comoros) के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी चारमीनार (M/T Charminar) पर चढ़कर सत्यापन जांच की। जांच पूरी होने के बाद जहाज को आगे की यात्रा की अनुमति दे दी गई। वहीं, मोजाम्बिक के झंडे वाले टैंकर एम/टी लैविन (M/T Lavine) पर खाड़ी-ए-ओमान में कार्रवाई की गई। CENTCOM के अनुसार, जहाज ने कई बार चेतावनी के बावजूद नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसे निष्क्रिय कर दिया गया ताकि वह ईरान की ओर आगे न बढ़ सके। CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी नौसेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क है और समुद्री नाकेबंदी अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

 

ईरान ने भी चार जहाज रोके
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने पिछले 24 घंटों के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में चार वाणिज्यिक जहाजों को रोकने और उनका मार्ग बदलने की कोशिश की। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन जहाजों पर "अवैध और असुरक्षित मार्ग" से गुजरने का आरोप लगाया गया। हालांकि, जहाजों की पहचान और उनके देशों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे पहले शुक्रवार को मोजाम्बिक के झंडे वाले एलपीजी टैंकर DISHA पर भी हमला हुआ था। इस जहाज पर 28 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। 

 

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से कई जहाजों की आवाजाही जारी है, लेकिन ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के खतरे के कारण कई जहाज बीच रास्ते से लौट रहे हैं या वैकल्पिक मार्ग अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज और लाल सागर के समुद्री मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहे तो वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है।

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