Edited By Radhika,Updated: 04 Aug, 2026 03:41 PM

अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित...
नेशनल डेस्क: अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही सदन ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शोर-शराबे के बीच ही सदन में कराधान एवं अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश किया। इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराना चाहा तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। वे अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे।
ये भी पढ़ें- CJP नहीं बनेगी राजनीतिक पार्टी, केवल संगठन के विस्तार पर चर्चा होगी: अभिजीत दिपके
बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ''मैं आप सभी को बोलने का अवसर दूंगा, लेकिन प्रश्नकाल में केवल प्रश्न-उत्तर होते हैं और सभी से अनुरोध है कि कार्यवाही चलाने में सहयोग करें।'' उन्होंने कहा, ''मैंने कल भी बीएसी (कार्य मंत्रणा समिति) की बैठक में सभी दलों से यह अनुरोध किया था। संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और चर्चा एवं संवाद के लिए है। यह नारेबाजी करने और तख्तियां लेकर आने का मंच नहीं है।'' शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद बैठक दो बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाये। इस दौरान विपक्षी सदस्य पहले की तरह ही शोर-शराबा कर रहे थे। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। सैकिया ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीट पर जाकर बैठने का आग्रह करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण विधेयक है और सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए। इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया।
ये भी पढ़ें- दिल्ली-दमन के बीच शुरू हुई सीधी उड़ान, 90 शहरों तक पहुंचा दिल्ली एयरपोर्ट का घरेलू नेटवर्क
विपक्ष के हंगामे के बीच सदन ने इस विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। सैकिया ने नारेबाजी कर रहे विपक्ष के सांसदों से कहा कि बार-बार बैनर, पोस्टर लेकर सदन में आना संसदीय परंपरा के अनुकूल नहीं है। पीठासीन सभापति द्वारा बार-बार आग्रह किये जाने के बावजूद भी शोरगुल नहीं थमने पर अपराह्न दो बजकर 17 मिनट पर सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण लगातार 12वें दिन मंगलवार को भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके।