FSSAI की बड़ी कार्रवाई: नकली फ्लेवर वाली रम-व्हिस्की पर शिकंजा, 'Old Monk' के दावे पर भी सवाल

Edited By Updated: 03 Aug, 2026 05:02 PM

major fssai crackdown crackdown on artificially flavored rum and whisky

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कुछ कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्राधिकरण ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी शराब इंडस्ट्री के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल उन कंपनियों के खिलाफ की गई है...

नई दिल्ली : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कुछ कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्राधिकरण ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी शराब इंडस्ट्री के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल उन कंपनियों के खिलाफ की गई है जो नियमों का उल्लंघन कर गैर-अनुमोदित फ्लेवर का इस्तेमाल कर रही थीं और उत्पादों को लेकर भ्रामक दावे कर रही थीं।

एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल में मिलाया जा रहा था फ्लेवर

FSSAI के अनुसार, जांच में पता चला कि कुछ कंपनियां पारंपरिक तरीके से रम या व्हिस्की तैयार करने के बजाय Extra Neutral Alcohol (ENA) का उपयोग कर रही थीं। इस अल्कोहल में प्राकृतिक स्वाद या खुशबू नहीं होती। इसके बाद इसमें कृत्रिम या नेचर-आइडेंटिकल रम और व्हिस्की फ्लेवर मिलाकर इसे बाजार में असली रम और व्हिस्की के रूप में बेचा जा रहा था।

उपभोक्ताओं को गुमराह करने का आरोप

प्राधिकरण का कहना है कि बोतलों के लेबल पर उत्पाद की वास्तविक प्रकृति की सही जानकारी नहीं दी जा रही थी। जांच के दौरान लैब में भेजे गए सैंपलों में आर्टिफिशियल और नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवर पाए गए। FSSAI के अनुसार, इससे उत्पाद का वास्तविक स्वाद और सुगंध छिप जाती है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी उत्पाद में इस प्रकार के फ्लेवर मिलाए गए हैं, तो उसे केवल 'Rum' या 'Whisky' नहीं लिखा जा सकता। ऐसे उत्पादों पर 'Rum Flavoured Spirit' या 'Whisky Flavoured Spirit' लिखना अनिवार्य होगा, ताकि ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके।

Old Monk के '7 Years Old Blended' दावे पर भी सवाल

कार्रवाई के दौरान मशहूर ब्रांड Old Monk XXX Rum के '7 Years Old Blended' दावे पर भी सवाल उठे हैं। FSSAI के अनुसार, लैब जांच में पाया गया कि जिस उत्पाद पर 7 साल पुरानी रम होने का दावा किया गया था, उसमें 7 साल पुरानी रम की मात्रा 5 प्रतिशत से भी कम थी। इसी आधार पर प्राधिकरण ने इस दावे को भ्रामक माना है।

FSSAI का क्या कहना है?

FSSAI ने कहा कि उसका उद्देश्य पूरी शराब इंडस्ट्री को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी कंपनियां निर्धारित खाद्य मानकों और लेबलिंग नियमों का पालन करें। साथ ही, उपभोक्ताओं को उत्पाद की सही जानकारी मिले और किसी भी प्रकार के भ्रामक दावों से उन्हें गुमराह न किया जाए।

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