iPhone निर्माताओं की भारत में बड़ी सफलता: PLI से 2.5 लाख नौकरियां, 70% महिलाएं भी शामिल

Edited By Updated: 16 Mar, 2026 12:46 PM

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भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में महिलाओं की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती जा रही है। फैक्ट्री फ्लोर पर युवा महिलाएँ देश की तकनीकी उत्पादन कहानी को नया आकार दे रही हैं।

नेशनल डेस्क: भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में महिलाओं की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती जा रही है। फैक्ट्री फ्लोर पर युवा महिलाएँ देश की तकनीकी उत्पादन कहानी को नया आकार दे रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 100,000 महिलाएँ अब भारत में वैश्विक बाजार के लिए iPhone असेंबल कर रही हैं, जो देश में निजी क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है।

रोजगार और महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी
Apple के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स Foxconn और Tata Electronics के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत में चल रही पाँच iPhone फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन के पीक समय में लगभग 140,000 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से लगभग 70 प्रतिशत यानी करीब 100,000 कर्मचारी महिलाएँ हैं। ये महिलाएँ ज़्यादातर 19 से 24 साल की उम्र की हैं और इनमें से कई पहली बार औद्योगिक नौकरी कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेज़ी पिछले पाँच सालों में आई है, जब 2020 में स्मार्टफोन प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम शुरू की गई थी। इसके बाद Apple ने भारत में बड़े पैमाने पर iPhone उत्पादन शुरू किया और महिलाओं की भर्ती में भी भारी वृद्धि देखी गई।

PLI स्कीम और भविष्य की योजनाएँ
स्मार्टफोन प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार सृजन करना है। इस स्कीम का पहला चरण 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाला है। सरकारी अधिकारी बता रहे हैं कि इसके दूसरे संस्करण पर काम चल रहा है। इस नए संस्करण का लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी और उत्पादन की तेज़ी को बनाए रखना है।


युवा महिलाओं के लिए अवसर
iPhone उत्पादन में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी न केवल रोजगार के अवसर बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें तकनीकी और औद्योगिक कौशल सीखने का मौका भी दे रही है। फैक्ट्री फ्लोर पर काम कर रही ये महिलाएँ भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में बदलाव और विकास की कहानी को नए आयाम दे रही हैं।

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