Edited By Pardeep,Updated: 27 May, 2026 10:03 PM

गर्मियां शुरू होते ही पहाड़ों की ओर रुख करने वाले पर्यटकों को इस बार भारी आर्थिक चपत लग रही है। शिमला, मनाली और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर होटलों के किराए में 4 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।
नेशनल डेस्कः गर्मियां शुरू होते ही पहाड़ों की ओर रुख करने वाले पर्यटकों को इस बार भारी आर्थिक चपत लग रही है। शिमला, मनाली और मसूरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर होटलों के किराए में 4 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।
होटल बुकिंग में 'आग': 2000 वाला कमरा हुआ 12000 का
सूत्रों के अनुसार, जो कमरे सामान्य दिनों में महज 2000 से 3000 रुपये में उपलब्ध होते थे, उनके रेट अब 8000 से 12000 रुपये तक पहुंच गए हैं। बर्फबारी वाले व्यू पॉइंट्स के पास स्थित रिसॉर्ट्स और होटलों का किराया तो इससे भी कहीं अधिक वसूला जा रहा है।
शिमला और मनाली का हाल: बजट से बाहर हुई लग्जरी
- शिमला: यहाँ पीक सीजन में लग्जरी होटलों और हेरिटेज रिसॉर्ट्स का किराया 15,000 रुपये प्रति रात से भी ऊपर निकल गया है। बजट होटलों, जिनका किराया आम तौर पर 500 से 1500 रुपये होता है उनमें भी भारी उछाल आया है।
- मनाली: मॉल रोड पर ठहरने के लिए एक कपल को केवल होटल पर ही प्रति रात 3000 से 4000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, मनाली के लग्जरी रिसॉर्ट्स का किराया 10,000 रुपये प्रति रात के पार जा चुका है।
वीकेंड पर जेब और ज्यादा ढीली, जाम ने बढ़ाई परेशानी
पर्यटकों के लिए मुसीबत यहीं खत्म नहीं होती। हिल स्टेशनों पर शुक्रवार से रविवार (वीकेंड) के बीच होटलों के दाम कामकाजी दिनों के मुकाबले 25 से 40 फीसदी तक ज्यादा वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा, भारी भीड़ के कारण रोहतांग और सोलांग जैसे इलाकों में पर्यटकों को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सफर का मजा किरकिरा हो रहा है।
विशेषज्ञों की सलाह: पहले से करें बुकिंग
सफर को सस्ता और सुगम बनाने के लिए विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यटकों को कम से कम 2 से 3 हफ्ते पहले बुकिंग करनी चाहिए,। जो लोग खर्च कम करना चाहते हैं, वे मई-जून की जगह जुलाई, अगस्त या सितंबर में पहाड़ों का रुख कर सकते हैं क्योंकि उस समय कीमतें काफी कम रहती हैं।