Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Jan, 2026 11:32 AM

जॉब मार्केट में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी विकास के साथ ही कई नौकरियां खतरे में हैं, हालांकि कुछ नए सेक्टर्स में नई नौकरियों के अवसर भी बन रहे हैं। दरअसल, एंट्री लेवल जॉब्स के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो...
Jobs Update: जॉब मार्केट में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी विकास के साथ ही कई नौकरियां खतरे में हैं, हालांकि कुछ नए सेक्टर्स में नई नौकरियों के अवसर भी बन रहे हैं। दरअसल, एंट्री लेवल जॉब्स के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। हाल की रिपोर्ट्स और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती स्तर की नौकरियों में पिछले कुछ समय में करीब 29% की गिरावट देखी गई है। बढ़ती बेरोजगारी और बदलते जॉब मार्केट के कारण नए ग्रेजुएट्स और नौकरी खोज रहे युवाओं के लिए अवसर कम होते जा रहे हैं।
साल 2025 की स्थिति
साल 2025 में जब कई नए ग्रेजुएट्स नौकरी की तलाश में निकले, उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिले। रैंडस्टैड की एक वैश्विक स्टडी के अनुसार, जनवरी 2024 से एंट्री लेवल जॉब्स में 29% की कमी आई है। पहले जो मंदी अस्थायी लग रही थी, अब वह धीरे-धीरे स्थायी और संरचनात्मक रूप ले रही है।
युवा बेरोजगारी के आंकड़े
अमेरिका में जुलाई 2025 तक युवा बेरोजगारी दर 10.8% तक पहुंच गई, जबकि कुल बेरोजगारी 4.3% थी। एशिया और अफ्रीका में स्थिति और गंभीर है—भारत में 17%, चीन में 16.5%, और मोरक्को में लगभग 36% युवा बेरोजगार हैं। ब्रिटेन में 2024 में लगभग 1.2 करोड़ ग्रेजुएट्स ने केवल 17,000 शुरुआती पदों के लिए आवेदन किया था।
AI ही एक वजह नहीं
कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि AI नौकरियों पर असर डाल रहा है। लेकिन वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार केवल AI ही इसका कारण नहीं है। आर्थिक अनिश्चितता, कॉर्पोरेट हायरिंग स्लोडाउन और अन्य वित्तीय दबाव भी नौकरियों की कमी में योगदान दे रहे हैं। इसी वजह से अब नई पीढ़ी (Gen-Z) अप्रेंटिसशिप और व्यावसायिक प्रशिक्षण की ओर बढ़ रही है।
भविष्य के अवसर और बदलाव
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक दुनिया में 78 मिलियन नई नौकरियों के अवसर आने की उम्मीद है। वहीं, 22% मौजूदा नौकरियां संरचनात्मक बदलाव से गुजरेंगी। 85% कंपनियां अपने कर्मचारियों को नए स्किल्स सिखाने पर जोर दे रही हैं, जिसमें AI स्किल्स पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एंथ्रोपिक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 49% नौकरियों में अब कम से कम एक चौथाई कामों में AI का इस्तेमाल संभव है, जो 2025 से 13% बढ़ा है। AI का इस्तेमाल अक्सर उच्च शिक्षा वाले पेशों जैसे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में अधिक देखा जा रहा है।