Edited By Pardeep,Updated: 14 Mar, 2026 06:02 AM
दुनिया भर में महिलाओं के बीच सोलो ट्रैवल यानी अकेले यात्रा करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
नेशनल डेस्कः दुनिया भर में महिलाओं के बीच सोलो ट्रैवल यानी अकेले यात्रा करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि किसी भी जगह पर जाने से पहले सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल होता है। हाल ही में जारी एक वैश्विक रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में नॉर्डिक और पश्चिमी यूरोप के देश सबसे आगे हैं।
यह रैंकिंग Georgetown Institute for Women, Peace and Security और Peace Research Institute Oslo द्वारा जारी Women, Peace and Security Index 2025–26 में सामने आई है।
इस इंडेक्स में दुनिया के 181 देशों को तीन मुख्य पैमानों – महिलाओं की सुरक्षा, आर्थिक भागीदारी और सामाजिक-राजनीतिक अधिकारों – के आधार पर रैंक किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार भी नॉर्डिक और पश्चिमी यूरोपीय देशों ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
वहीं भारत इस सूची में 131वें स्थान पर रहा और टॉप-100 देशों में भी जगह नहीं बना सका, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाली बात मानी जा रही है।
महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित 10 देश
रिपोर्ट के अनुसार ये देश महिलाओं के लिए सुरक्षा, समानता और सामाजिक माहौल के मामले में सबसे बेहतर माने गए हैं:
1. डेनमार्क
डेनमार्क को महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे सुरक्षित देश माना गया है। यहां महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सुरक्षा के मजबूत कानून इसे सोलो ट्रैवल के लिए बेहतरीन बनाते हैं।
2. नॉर्वे
नॉर्वे लंबे समय से लैंगिक समानता और सामाजिक सुरक्षा के मामले में अग्रणी रहा है। मजबूत नीतियां और सुरक्षित सार्वजनिक व्यवस्था इसे महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाती हैं।
3. आइसलैंड
आइसलैंड लैंगिक समानता की प्रगतिशील नीतियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां अपराध दर बहुत कम है और महिलाओं के अधिकारों की मजबूत कानूनी सुरक्षा है।
4. स्वीडन
स्वीडन में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था है। विकसित बुनियादी ढांचा और समावेशी सामाजिक संस्कृति इसे सुरक्षित बनाते हैं।
5. फिनलैंड
फिनलैंड शिक्षा, सामाजिक समानता और सुरक्षा के मामले में काफी अच्छा प्रदर्शन करता है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और मजबूत कानून इसे सुरक्षित बनाते हैं।
6. लक्समबर्ग
7. बेल्जियम
8. नीदरलैंड
9. ऑस्ट्रिया
10. न्यूज़ीलैंड
इन देशों में लैंगिक भेदभाव कम, महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले कम और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के कारण इन्हें महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में गिना गया है।
भारत की रैंक ने किया हैरान
रिपोर्ट के अनुसार भारत इस इंडेक्स में 131वें स्थान पर रहा। इसका मतलब है कि भारत टॉप-100 देशों में भी जगह नहीं बना सका। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, सामाजिक असमानता और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के कारण भारत की रैंकिंग नीचे रही है।
क्यों अहम है यह इंडेक्स
Women, Peace and Security Index को दुनिया के सबसे व्यापक महिला सुरक्षा सूचकांकों में से एक माना जाता है। यह रिपोर्ट हर दो साल में जारी की जाती है और इसमें महिलाओं के जीवन से जुड़े कई पहलुओं का विश्लेषण किया जाता है। इस इंडेक्स का उद्देश्य यह बताना है कि किस देश में महिलाओं के लिए सुरक्षा, समानता और अवसर कितने बेहतर हैं, ताकि सरकारें और समाज इन क्षेत्रों में सुधार के लिए कदम उठा सकें।