Edited By Rohini Oberoi,Updated: 01 Sep, 2026 04:26 PM

पश्चिम बंगाल के ऊपर बने एक मजबूत निम्न दबाव (लो प्रेशर) के क्षेत्र के कारण मंगलवार सुबह राजधानी कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित...
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के ऊपर बने एक मजबूत निम्न दबाव (लो प्रेशर) के क्षेत्र के कारण मंगलवार सुबह राजधानी कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सुबह ऑफिस तथा स्कूल जाने के समय मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के कलाइकुंडा में मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 51 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कोलकाता में 23 मिमी और पड़ोसी साल्ट लेक में 40 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार अन्य स्थानों में पानागढ़ में 50 मिमी, बैरकपुर में 43 मिमी, कैनिंग में 44 मिमी और हल्दिया में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
दिन चढ़ने के साथ बारिश की तीव्रता बढ़ गई जिससे निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया। इसके कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस बीच, राज्य के तटीय क्षेत्र के ऊपर बना कम दबाव वाला क्षेत्र लगभग स्थिर बना हुआ है। भारी बारिश का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वालों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा।
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शहर और आसपास के जिलों के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। मौसम विभाग ने बुधवार सुबह तक पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में कुछ जगह भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी ने बताया कि पश्चिम बंगाल, इससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना स्पष्ट कम दबाव वाला क्षेत्र अभी भी उसी स्थान पर बना हुआ है जिसके कारण सोमवार रात से भारी बारिश हो रही है।
वहीं मौसम विभाग ने बताया कि यह कम दबाव वाला क्षेत्र बुधवार सुबह तक पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। मौसम कार्यालय ने चार सितंबर तक उप-हिमालयी जिलों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी बारिश का अनुमान जताया है।