100 साल से इस देश में थी टाटा की ये कंपनी, अब राष्ट्रपति ने कामकाज बंद करने का दिया आदेश

Edited By Updated: 04 Sep, 2026 08:22 AM

this tata company was in this country for 100 years

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने काजीआडो के लेक मगाडी में काम कर रही भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स को अपना काम तुरंत रोकने का आदेश दिया है।

नैरोबी: केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने काजीआडो के लेक मगाडी में काम कर रही भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स को अपना काम तुरंत रोकने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि एक सदी से भी अधिक समय से इस क्षेत्र में काम करने के बावजूद वह पर्याप्त निवेश, नौकरियां और औद्योगिक विकास लाने में विफल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार टाटा केमिकल्स की जगह नए निवेशकों को लाएगी, जिनसे देश में ही विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सुविधाएं स्थापित करने को कहा जाएगा।

'क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?'
एक विकास दौरे के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रुटो ने कहा, "उस टाटा कंपनी के पास यह अनुबंध 100 वर्षों से था, लेकिन उन्होंने काजीआडो में कोई फैक्टरी या ढांचा खड़ा नहीं किया"। उन्होंने जनता से तीखा सवाल पूछा, "क्या हम दूसरे लोगों के गुलाम हैं?"। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि केन्या की प्राकृतिक संपत्ति का लाभ सबसे पहले केन्याई लोगों को मिलना चाहिए और संसाधनों को सिर्फ निकालकर प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के लिए बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण होने से औद्योगिक विकास, रोजगार और कर राजस्व को बढ़ावा मिलेगा।

1911 से चल रहा था परिचालन
टाटा केमिकल्स का काम इस साल जुलाई के अंत में ही निलंबित करने का सरकारी निर्देश दिया गया था, जिसके बाद मगाडी सोडा फैक्टरी का परिचालन और सोडा ऐश का निर्यात रोक दिया गया था। टाटा केमिकल्स ने साल 2005 में इस कंपनी का अधिग्रहण किया था, जबकि यह व्यवसाय 1911 से 'मगाडी सोडा कंपनी' के रूप में चल रहा था। यहां से सालाना 3.5 लाख टन से अधिक सोडा ऐश भारत, दक्षिण-पूर्वी एशिया और मध्य पूर्व के देशों में निर्यात की जाती थी, जिसका उपयोग कांच, डिटर्जेंट, रसायनों और जल शोधन में होता है।

विपक्ष ने उठाए राष्ट्रपति की नीयत पर सवाल
इस बीच, केन्या की विपक्षी पार्टी डेमोक्रेसी फॉर द सिटीजन्स पार्टी (डीसीपी) ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष ने इसे 'राज्य प्रायोजित आर्थिक तोड़फोड़' करार देते हुए आरोप लगाया है कि टाटा केमिकल्स को बंद कराने के पीछे राष्ट्रपति रुटो के अपने निजी व्यापारिक हित जुड़े हो सकते हैं। डीसीपी का दावा है कि मगाडी क्षेत्र के नीचे खरबों शिलिंग मूल्य के लिथियम धातु के विशाल भंडार और तेल की भारी संभावनाएं हैं। विपक्ष का आरोप है कि रुटो टाटा को हटाकर अन्य हितों को बढ़ावा देना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस फैसले से 1 लाख से अधिक लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और नैरोबी में पेयजल शोधन के लिए सोडा ऐश की आपूर्ति बाधित हो सकती है।

कोर्ट में होगी सुनवाई
केन्या के खनन कैबिनेट सचिव हसन जोहो ने आरोप लगाया है कि मंत्रालय ने वर्षों तक कंपनी के साथ जुड़ने का प्रयास किया, लेकिन कंपनी ने नियमों का पालन नहीं किया। अब इस पूरे विवाद और खनन कार्यों को दोबारा शुरू करने की संभावना से जुड़ी एक याचिका पर 18 नवंबर को केन्या की हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

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