Edited By Pardeep,Updated: 22 Jun, 2026 05:23 AM

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कहा कि उसने गोवा में लौह अयस्क के कथित गैर-कानूनी खनन मामले में 1,023 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति जब्त की है, जिसमें सिंगापुर में मौजूद संपत्तियां भी शामिल हैं।
नेशनल डेस्कः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कहा कि उसने गोवा में लौह अयस्क के कथित गैर-कानूनी खनन मामले में 1,023 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति जब्त की है, जिसमें सिंगापुर में मौजूद संपत्तियां भी शामिल हैं।
ईडी ने एक बयान में कहा कि साल्गाओकर ग्रुप एंड असोसिएट्स (एवीएस ग्रुप) द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध लौह अयस्क खनन किए जाने के मामले में धनशोधन अधिनियम के तहत 19 जून को एक अस्थायी आदेश जारी किया गया। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, संलग्न संपत्तियों में भारत में स्थित 99 अचल संपत्तियां (मूल्य 459.10 करोड़ रुपये), सिंगापुर में 31 अचल संपत्तियां (मूल्य 471.32 करोड़ रुपये) और भारतीय कंपनियों में इक्विटी शेयर (मूल्य 93.42 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
ये संपत्तियां दिवंगत अनिल सालगांवकर की संपत्ति के नाम पर (इसके प्रशासक लक्ष्मी अनिल सालगांवकर के माध्यम से), सालगांवकर माइनिंग इंडस्ट्रीज, शांतिलाल खुषालदास एंड ब्रदर्स, एस कांतिलाल एंड कंपनी, सलीथो ओर्स, वर्टेक्स न्यूटन प्रोजेक्ट्स और सुबर्णरेखा पोर्ट के नाम पर हैं।
ईडी के अनुसार, इन संपत्तियों का कुल मूल्य 1,023.85 करोड़ रुपये है। यह धनशोधन जांच गोवा पुलिस की सीआईडी की प्राथमिकी से जुड़ी है। ईडी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने 2014 और 2018 के फैसलों में यह माना है कि 22.11.2007 के बाद (नए खनन पट्टे जारी होने तक) गोवा में किया गया सभी खनन अवैध था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसकी जांच में पाया गया कि एवीएस ग्रुप ने 2007-12 के दौरान दस खनन पट्टों का संचालन किया और लौह अयस्क के अवैध उत्खनन, बिक्री और निर्यात से 2,492.95 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय हासिल की।