Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Jun, 2026 08:10 AM
पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि...
पुणे: पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि लोहगढ़ किले में शहर के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की मौत कथित तौर पर एक सुनियोजित हत्या थी। उसे उसकी मंगेतर के प्रेमी ने गहरी खाई में धक्का दिया था और इस हत्याकांड में उसकी मंगेतर भी शामिल है।
वहीं, लोनावला पुलिस ने मंगलवार को केतन अग्रवाल मर्डर केस के दो मुख्य आरोपियों, सिया गोयल और चेतन चौधरी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने जांच के लिए उन्हें 29 जून तक 7 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले पुलिस ने बताया था कि दोनों आरोपियों को 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक खाई में रियल एस्टेट फर्म के डायरेक्टर केतन अग्रवाल को धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के अनुसार, 19 जून को जन्मदिन मनाने की बात कहकर सिया गोयल उन्हें 18 जून को लोहगढ़ किले पर लेकर गई थी। परिवार का कहना है कि सुबह करीब 8:20 बजे दोनों घर से निकले थे। इसके बाद लगभग 10:45 बजे सिया की मां का फोन आया और बताया गया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक केतन की मौत हो चुकी थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही यह घटना सामान्य दुर्घटना नहीं लगी। उनका आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां और बाद की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं।
परिवार ने एक और बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, 14 जून को भी सिया और केतन लोहगढ़ किले पर गए थे। उस दौरान कथित रूप से केतन को पीछे की ओर धक्का दिया गया था। हालांकि उस समय उसका हाथ झाड़ियों में फंस गया, जिससे उसकी जान बच गई। परिजनों का कहना है कि उस घटना के बाद केतन को एहसास हो गया था कि उसे धक्का दिया गया है। लेकिन स्थिति संभालने के लिए सिया ने "सांप आया" कहकर शोर मचाया और यह जताने की कोशिश की कि उसने उसे बचाने के प्रयास में ऐसा किया था। परिवार का आरोप है कि यह केतन की हत्या का पहला प्रयास था।
दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
केतन के चाचा विजय अग्रवाल ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार का दावा है कि सिया इससे पहले भी कई बार केतन को लोहगढ़ किले पर लेकर गई थी और लगातार वहां जाने के लिए दबाव बना रही थी। परिजनों ने यह भी बताया कि दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ था। जनवरी में परिचय समारोह हुआ था, जबकि फरवरी में रोका संपन्न हुआ। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी और तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
17 करोड़ रुपये में बुक किया था महल
खबरों के मुताबिक, परिवार ने शादी के लिए राजस्थान में 17 करोड़ रुपये में एक महल बुक किया था और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए दो प्राइवेट प्लेन का इंतज़ाम किया था। सिया ने शुरू में पुलिस को बताया कि फोटो खिंचवाते समय केतन फिसलकर खाई में गिर गया। तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद रेस्क्यू टीम ने उसकी लाश निकाली।
पुलिस का कहना- सिया और चेतन ने केतन को धक्का देकर मार डाला
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सिया और उसके प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी (22) ने केतन को धक्का देकर मार डाला और इसे हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि शुरू में इसे गलती से गिरने का मामला माना जा रहा था, लेकिन जांच में हत्या की साज़िश का पता चला।
पुलिस ने बताया कि पुणे ज़िले के गहुंजे का रहने वाला और परिवार के रियल एस्टेट बिज़नेस का डायरेक्टर केतन, किले पर तेज़ हवाओं के बीच तस्वीरें लेते समय लगभग 400 फ़ीट गहरी खाई में गिर गया था। जब सिया ने लोनावाला रूरल पुलिस को बताया कि पहाड़ी किले पर घूमने के दौरान केतन फिसलकर गिर गया, तो एक्सीडेंटल डेथ (हादसे से मौत) की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
पुलिस का कहना- मौत से जुड़े हालात संदिग्ध लग रहे थे
पुणे रूरल के एसपी संदीप सिंह गिल ने मंगलवार को कहा कि मौत से जुड़े हालात संदिग्ध लग रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। उन्होंने कहा, "हमारी टीमों ने कई पहलुओं की जांच की, जिनमें पैसों के झगड़े और निजी रिश्ते शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिया पुणे के कोंढवा के रहने वाले चौधरी के साथ रिश्ते में थी।"
पुलिस ने बताया कि जांच से पता चला कि सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसे चौधरी के साथ अपने रिश्ते में रुकावट मानती थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने केतन को रास्ते से हटाने की साज़िश रची और प्लान के तहत सिया उसे घूमने के बहाने लोहागढ़ किले ले गई, जबकि चौधरी को बाद में वहाँ बुलाया गया।