Edited By Rahul Singh,Updated: 21 Oct, 2026 04:46 PM
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी रामलाल ने बुधवार को संघ के खिलाफ राहुल गांधी के ''विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी'' होने संबंधी टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे ''नवीनतम मनगढ़ंत झूठ'' करार दिया।
नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी रामलाल ने बुधवार को संघ के खिलाफ राहुल गांधी के ''विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी'' होने संबंधी टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे ''नवीनतम मनगढ़ंत झूठ'' करार दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस महिलाओं का बेहद सम्मान करता है और संगठन में बड़ी संख्या में महिला सदस्य हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मंगलवार को की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए आरएसएस नेता ने कहा कि झूठ के सहारे राजनीति करने वाले नेताओं का राजनीतिक प्रभाव सिमट रहा है, जबकि आरएसएस के प्रति जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
कई वर्षों से लगातार झूठ फैलाए जाते रहे हैं
रामलाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''आमतौर पर हम राजनीतिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करते और न ही राजनेताओं पर टिप्पणी करते हैं। हालांकि, आरएसएस के बारे में कई वर्षों से लगातार झूठ फैलाए जाते रहे हैं। जब उनके पुराने झूठ बेअसर हो जाते हैं, तो वे हर दिन एक नया झूठ गढ़ लेते हैं। अब यह उनका नवीनतम मनगढ़ंत झूठ है।'' रामलाल यहां जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुये। उन्होंने कहा कि संघ में कई महिलाएं हैं, जो विभिन्न कार्यक्रमों में वक्ता के रूप में भाग लेती हैं या मुख्य अतिथि के तौर पर अध्यक्षता करती हैं। आरएसएस पदाधिकारी ने कहा, ''वे (विपक्ष) बिना किसी आधार के झूठ बोलते हैं। वहीं, संघ के प्रति समर्थन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे बयान देने वालों को, जिनमें एक प्रमुख नेता भी शामिल हैं, मैं सलाह देना चाहूंगा कि अगर इस तरह के विमर्श के कारण आपका समर्थन घट रहा है, तो आपको इस पर विचार करना चाहिए।''
रामलाल ने कहा, ''जनता का समर्थन झूठ से नहीं बढ़ता, बल्कि सच से बढ़ता है। और जैसा कि हम संघ में हमेशा कहते हैं और मोहन भागवत जी ने भी कहा है कि संघ के बारे में जो अच्छा या बुरा कहना है, कहिए, लेकिन पहले खुद आकर संघ को देखिए।'' कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह ''विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी'' संगठन है, जो महिलाओं को पुरुषों की ''संपत्ति'' मानता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह ''शिव-शक्ति'' में विश्वास करते हैं और इसीलिए आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ने से उन्हें खुशी मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया, ''आरएसएस एक विशुद्ध पुरुषवादी, संविधान विरोधी समूह है, जो मानता है कि महिलाएं पुरुषों की संपत्ति हैं।''

संघ सत्य के मार्ग पर चलता है
रामलाल ने जम्मू-कश्मीर और आरएसएस के बारे में बाहरी धारणा के बीच समानता बताते हुए अपने सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद ''शांत और सकारात्मक माहौल'' का उल्लेख करते हुए कहा कि जमीनी हकीकत अक्सर राजनीतिक विमर्श से अलग होती है। उन्होंने कहा, "मैं कश्मीर आया हूं। मैं देख रहा हूं कि आप सभी कितनी सहजता से बयान दे रहे हैं, भाषण हो रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुन रहे हैं। मैं भी यहां आया हूं। सभी जानते हैं कि मैं आरएसएस से जुड़ा हूं। लेकिन क्या आपने नहीं देखा कि कार्यक्रम कितनी सहजता से संपन्न हुआ? हमने उनकी बात सुनी और उन्होंने हमारी बात सुनी।" उन्होंने कहा, "बाहर बैठे लोग अपनी मर्जी से कोई भी धारणा बनाते रहते हैं—कहते हैं कि कश्मीर में ऐसा हो रहा है, वैसा हो रहा है। इसी तरह, लोग संघ के बारे में भी बिना वहां आए ही टिप्पणी करते हैं।" उन्होंने कहा कि जब लोग बिना समझे दावे करते हैं, तो उनके मुंह से झूठ निकल जाता है।'' उन्होंने कहा, ''जब झूठ बोला जाता है, तो उनकी विश्वसनीयता घटती है। इसमें हम क्या कर सकते हैं? संघ की विश्वसनीयता बढ़ रही है, क्योंकि संघ सत्य के मार्ग पर चलता है।''
रामलाल ने कहा कि देश में महिलाओं को बेहद सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा, "केवल संघ में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में महिलाओं को जितना सम्मान दिया जाता है, उसकी दुनिया में कहीं और कोई बराबरी नहीं है।" आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि विरोध-प्रदर्शन समाधान देने के बजाय राजनीतिक हितों का साधन बन सकते हैं और समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं, रामलाल ने कहा कि भारत तभी प्रगति करेगा, जब शांति बनी रहेगी। उन्होंने कहा, ''वे चाहते हैं कि टकराव होते रहें, क्योंकि इससे उनके अपने हित पूरे होते हैं।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो तेजी से आगे बढ़ रहे इस देश को अस्थिर करना चाहती हैं। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन ऐसी ताकतें मौजूद हैं, जो देश को अस्थिर करना चाहती हैं। कुछ ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश भी कर सकती हैं। हमें सतर्क रहना होगा ।''