Edited By Rahul Singh,Updated: 13 Oct, 2026 06:57 PM

प्रदर्शनकारी सेंट्रल दिल्ली की सड़कों पर उतरे, तो विपक्षी दलों का नेतृत्व कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा और वामपंथी नेत्री नेहा बोरा के साथ एक खुली गाड़ी पर एनएसयूआई की युवा नेत्री जन्नत बिश्नोई...
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यधारा की राजनीति के बीच एक नया युवा चेहरा तेजी से चर्चा के केंद्र में आ गया है। सेंट्रल दिल्ली की सड़कों पर मुख्य चुनाव आयोग के खिलाफ और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर निकाले गए इंडिया ब्लॉक के मार्च के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ नजर आईं दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की एग्जीक्यूटिव काउंसलर और NSUI नेत्री जन्नत बिश्नोई इन दिनों राजनीतिक गलियारों में आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।
ट्रक पर राहुल-प्रियंका के साथ नजर आईं जन्नत बिश्नोई
सोमवार को जब हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी सेंट्रल दिल्ली की सड़कों पर उतरे, तो विपक्षी दलों का नेतृत्व कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा और वामपंथी नेत्री नेहा बोरा के साथ एक खुली गाड़ी पर एनएसयूआई की युवा नेत्री जन्नत बिश्नोई भी मौजूद थीं। सफेद शर्ट पहने हुए जन्नत लगातार भीड़ के बीच जोश के साथ नारे लगाती हुईं कैमरे में कैद हुईं, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उनकी मौजूदगी की चर्चा तेज हो गई है।य

कौन हैं जन्नत बिश्नोई?
मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली जन्नत बिश्नोई वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। वह कैंपस की राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ कांग्रेस के छात्र संगठन 'नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया' से जुड़ी हैं और हाल ही में DUSU की एग्जीक्यूटिव काउंसलर निर्वाचित हुई हैं। छात्र राजनीति के जरिए उन्होंने दिल्ली के छात्र आंदोलनों और सामाजिक मुद्दों पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
महिला सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर मुखरता
जन्नत बिश्नोई केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह जमीनी स्तर पर छात्रहित और महिला सुरक्षा से जुड़े अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं। हाल ही में दिल्ली के कालकाजी इलाके में एक नाबालिग के साथ हुई जघन्य घटना के बाद हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों में उन्होंने अग्रणी भूमिका निभाई थी। परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में 'पिंक पुलिस बूथ' और मजबूत सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित करने की मांग को लेकर वह मुखर रही हैं। इसके अलावा, उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'पितृसत्ता को खत्म करो' जैसे अभियानों और राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन बिल के समर्थन से जुड़े वीडियो भी देखे जा सकते हैं।